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SCO: कश्मीर मुद्दे पर बिलावल भुट्टो ने फिर उगला जहर, बोले- 2019 के बाद भारत से बातचीत मुश्किल हो गई
Sat, 30 Jul 2022 08:03 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 30 Jul 2022 08:03 PM IST
सार
बिलावल ने भारत द्वारा जम्मू और कश्मीर से विशेष दर्जा वापस लेने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा, 2019 के बाद से भारत के साथ रचनात्मक संवाद मुश्किल हो गया है।
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पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा है कि 2019 के बाद से भारत के साथ रचनात्मक संवाद मुश्किल हो गया। ताशकंद में एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने वाले बिलावल ने कहा कि भारत और पाकिस्तान एससीओ का हिस्सा हैं और दोनों देश वर्तमान में संगठन की व्यापक गतिविधियों में शामिल हैं।
पाकिस्तान के एक न्यूज चैनल के मुताबिक बिलावल ने कहा, भारत हमारा पड़ोसी देश है। कोई बहुत सी चीजों पर निर्णय ले सकता है, कोई अपने पड़ोसियों को नहीं चुन सकता, इसलिए हमें उनके साथ रहने की आदत डाल लेनी चाहिए।
भारत के रचनात्मक संवाद मुश्किल हो गया : पाक विदेश मंत्री
बिलावल ने भारत द्वारा जम्मू और कश्मीर से विशेष दर्जा वापस लेने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा, 2019 के बाद से भारत के साथ रचनात्मक संवाद मुश्किल हो गया है।
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आतंकवाद मुक्त माहौल में सामान्य पड़ोसी संबंध चाहता है भारत
भारत ने पाकिस्तान से बार-बार कहा है कि वह आतंक, शत्रुता और हिंसा से मुक्त माहौल में इस्लामाबाद के साथ सामान्य पड़ोसी संबंध चाहता है। भारत ने कहा है कि आतंक और शत्रुता से मुक्त वातावरण बनाने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है।
भारत के इस फैसले के बाद पाकिस्तान ने डाउनग्रेड किए राजनयिक संबंध
अनुच्छेद 370 को बेअसर करने के फैसले पर पाकिस्तान में कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी जिसके बाद उसने राजनयिक संबंधों को डाउनग्रेड करने का फैसला किया था। उसने भारत के राजदूत को भी निष्कासित कर दिया था। इसके अलावा भारत के साथ पाकिस्तान ने द्विपक्षीय व्यापार पर रोक लगा दी थी।
एससीओ की बैठक में इन देशों के विदेश मंत्रियों ने लिया हिस्सा
शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में विदेश मंत्री एस.जयशंकर, चीनी विदेश मंत्री वांग यी और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लारोव ने भी हिस्सा लिया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल ने यह भी कहा कि 15-16 सितंबर को उज्बेकिस्तान के समरकंद में होने वाले वार्षिक सिखर सम्मेलन से इतर पाकिस्तानी और भारतीय प्रधानमंत्रियों के बीच किसी भी बैठक की कोई योजना नहीं है।
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पाकिस्तान के एक न्यूज चैनल के मुताबिक बिलावल ने कहा, भारत हमारा पड़ोसी देश है। कोई बहुत सी चीजों पर निर्णय ले सकता है, कोई अपने पड़ोसियों को नहीं चुन सकता, इसलिए हमें उनके साथ रहने की आदत डाल लेनी चाहिए।
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भारत के रचनात्मक संवाद मुश्किल हो गया : पाक विदेश मंत्री
बिलावल ने भारत द्वारा जम्मू और कश्मीर से विशेष दर्जा वापस लेने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा, 2019 के बाद से भारत के साथ रचनात्मक संवाद मुश्किल हो गया है।
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आतंकवाद मुक्त माहौल में सामान्य पड़ोसी संबंध चाहता है भारत
भारत ने पाकिस्तान से बार-बार कहा है कि वह आतंक, शत्रुता और हिंसा से मुक्त माहौल में इस्लामाबाद के साथ सामान्य पड़ोसी संबंध चाहता है। भारत ने कहा है कि आतंक और शत्रुता से मुक्त वातावरण बनाने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है।
भारत के इस फैसले के बाद पाकिस्तान ने डाउनग्रेड किए राजनयिक संबंध
अनुच्छेद 370 को बेअसर करने के फैसले पर पाकिस्तान में कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी जिसके बाद उसने राजनयिक संबंधों को डाउनग्रेड करने का फैसला किया था। उसने भारत के राजदूत को भी निष्कासित कर दिया था। इसके अलावा भारत के साथ पाकिस्तान ने द्विपक्षीय व्यापार पर रोक लगा दी थी।
एससीओ की बैठक में इन देशों के विदेश मंत्रियों ने लिया हिस्सा
शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में विदेश मंत्री एस.जयशंकर, चीनी विदेश मंत्री वांग यी और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लारोव ने भी हिस्सा लिया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल ने यह भी कहा कि 15-16 सितंबर को उज्बेकिस्तान के समरकंद में होने वाले वार्षिक सिखर सम्मेलन से इतर पाकिस्तानी और भारतीय प्रधानमंत्रियों के बीच किसी भी बैठक की कोई योजना नहीं है।