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कांगो: विद्रोहियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, किंशासा में विदेशी दूतावासों पर हमले
Tue, 28 Jan 2025 09:22 PM IST
राहुल कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, गोमा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, गोमा
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 28 Jan 2025 09:22 PM IST
सार
गोमा पूर्वी कांगो का एक प्रमुख व्यापारिक और मानवीय केंद्र है। शहर में 20 लाख लोग रहते हैं, जिनमें हजारों विस्थापित भी शामिल हैं। गोमा में रातभर गोलाबारी और विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं।
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कांगो में विद्रोह
- फोटो : PTI
विस्तार
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य की राजधानी किंशासा में मंगलवार को सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने रवांडा, फ्रांस, बेल्जियम, केन्या और युगांडा समेत कई विदेशी दूतावासों पर हमला किया। ये प्रदर्शनकारी देश के पूर्वी हिस्से में रवांडा-समर्थित एम23 विद्रोहियों द्वारा प्रमुख शहर गोमा पर कब्जे के प्रयास के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
एक प्रदर्शनकारी टिमोथी त्शिशिम्बी ने कहा, हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दोहरे रवैये की निंदा करते हैं। उन्हें रवांडा को हिंसा को रोकने के लिए कहना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने इमारतों के हिस्सों में आग लगा दी और लूटपाट की। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। गौरतलब है एम23 के विद्रोही गोमा शहर की ओर बढ़ रहे हैं।
गोमा पूर्वी कांगो का एक प्रमुख व्यापारिक और मानवीय केंद्र है। शहर में 20 लाख लोग रहते हैं, जिनमें हजारों विस्थापित भी शामिल हैं। गोमा में रातभर गोलाबारी और विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं। विद्रोहियों ने सोमवार को शहर के हवाई अड्डे के नजदीक गोलाबारी की। बीस लाख की आबादी वाले शहर गोमा के निवासियों ने शहर में रात भर गोलीबारी होने की सूचना दी, जिस पर विद्रोहियों ने सोमवार को कब्जा करने का दावा किया था। अब बंद हो चुके गोमा हवाई अड्डे के पास विस्फोट और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं।
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यह स्पष्ट नहीं है कि गोमा के कितने हिस्से पर विद्रोहियों का नियंत्रण है, जिन्होंने सोमवार को सुबह शहर में प्रवेश किया था, जिससे निवासियों में भय और उत्साह दोनों तरह का माहौल था। गोमा के निवासी सैम लुवावा ने कहा, सुबह से ही हमने बम विस्फोट और गोलियों की आवाज सुनी है। अभी तक हम यह नहीं कह सकते कि शहर पर वास्तव में किसका नियंत्रण है।
गौरतलब है एम23 को रवांडा का समर्थन प्राप्त है। उसने 2012 में भी गोमा पर अस्थायी रूप से कब्जा कर लिया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद पीछे हट गया था। 2021 के अंत से यह समूह फिर सक्रिय हो गया है और पूर्वी कांगो के खनिज-संपन्न क्षेत्रों पर कब्जे के लिए लड़ रहा है। कांगो सरकार और संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों का आरोप है कि रवांडा इस समूह को हथियार और प्रशिक्षण दे रहा है, जिसे रवांडा ने खारिज किया है।
17 शांति, विदेशी सैनिकों की हो चुकी है मौत
दक्षिण अफ्रीका के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एम23 विद्रोहियों की गोलाबारी के कारण लगभग 6 लाख लोग गोमा से पलायन करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि शहर में मानवीय सहायता ठप पड़ी है। विद्रोहियों की ओर से गोमा हवाई अड्डे पर दागे गए मोर्टार हमले में चार दक्षिण अफ्रीकी शांतिसैनिकों की मौत हो चुकी है। अब तक इस संघर्ष में 17 शांतिसैनिक और विदेशी सैनिक मारे जा चुके हैं। गौरतलब है कि कांगो में दशकों से चल रहे संघर्ष की वजह अब तकर 60 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। यह दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक है।
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एक प्रदर्शनकारी टिमोथी त्शिशिम्बी ने कहा, हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दोहरे रवैये की निंदा करते हैं। उन्हें रवांडा को हिंसा को रोकने के लिए कहना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने इमारतों के हिस्सों में आग लगा दी और लूटपाट की। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। गौरतलब है एम23 के विद्रोही गोमा शहर की ओर बढ़ रहे हैं।
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गोमा पूर्वी कांगो का एक प्रमुख व्यापारिक और मानवीय केंद्र है। शहर में 20 लाख लोग रहते हैं, जिनमें हजारों विस्थापित भी शामिल हैं। गोमा में रातभर गोलाबारी और विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं। विद्रोहियों ने सोमवार को शहर के हवाई अड्डे के नजदीक गोलाबारी की। बीस लाख की आबादी वाले शहर गोमा के निवासियों ने शहर में रात भर गोलीबारी होने की सूचना दी, जिस पर विद्रोहियों ने सोमवार को कब्जा करने का दावा किया था। अब बंद हो चुके गोमा हवाई अड्डे के पास विस्फोट और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं।
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यह स्पष्ट नहीं है कि गोमा के कितने हिस्से पर विद्रोहियों का नियंत्रण है, जिन्होंने सोमवार को सुबह शहर में प्रवेश किया था, जिससे निवासियों में भय और उत्साह दोनों तरह का माहौल था। गोमा के निवासी सैम लुवावा ने कहा, सुबह से ही हमने बम विस्फोट और गोलियों की आवाज सुनी है। अभी तक हम यह नहीं कह सकते कि शहर पर वास्तव में किसका नियंत्रण है।
गौरतलब है एम23 को रवांडा का समर्थन प्राप्त है। उसने 2012 में भी गोमा पर अस्थायी रूप से कब्जा कर लिया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद पीछे हट गया था। 2021 के अंत से यह समूह फिर सक्रिय हो गया है और पूर्वी कांगो के खनिज-संपन्न क्षेत्रों पर कब्जे के लिए लड़ रहा है। कांगो सरकार और संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों का आरोप है कि रवांडा इस समूह को हथियार और प्रशिक्षण दे रहा है, जिसे रवांडा ने खारिज किया है।
17 शांति, विदेशी सैनिकों की हो चुकी है मौत
दक्षिण अफ्रीका के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एम23 विद्रोहियों की गोलाबारी के कारण लगभग 6 लाख लोग गोमा से पलायन करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि शहर में मानवीय सहायता ठप पड़ी है। विद्रोहियों की ओर से गोमा हवाई अड्डे पर दागे गए मोर्टार हमले में चार दक्षिण अफ्रीकी शांतिसैनिकों की मौत हो चुकी है। अब तक इस संघर्ष में 17 शांतिसैनिक और विदेशी सैनिक मारे जा चुके हैं। गौरतलब है कि कांगो में दशकों से चल रहे संघर्ष की वजह अब तकर 60 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। यह दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक है।