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पाकिस्तान : ईसाई बच्ची का पहले किया अपहरण, फिर धर्मपरिवर्तन के बाद जबरन कर दिया निकाह

Thu, 11 Mar 2021 07:16 PM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 11 Mar 2021 07:16 PM IST
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Christian girl abducted and forced to marry after conversion in pakistan
सांकेतिक तस्वीर

पाकिस्तान में आए दिन अल्पसंख्यकों के ऊपर अत्याचार बढ़ता ही जा रहा है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल 25 जून को पाकिस्तान में 12 साल की एक ईसाई बच्ची का पहले अपहरण किया गया फिर उसका जबरन धर्मपरिवर्तन कराकर निकाह भी कर दिया गया। बच्ची ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि वह 25 जून 2020 को फैसलाबाद स्थित अपने घर में अपने दादा, तीन भाइयों और दो बहनों के साथ घर पर थी कि तभी किसी ने दरवाजे पर नोक किया। इसके बाद जैसे ही उसके दादा दरवाजे को खोलने के लिए गए  अचानक तीन लोग घर में प्रवेश कर गए। उन्होंने फराह को उठाया और वैन में डालकर  तेजी से भाग निकले। सिर्फ इतना ही नहीं, जाते-जाते उन्होंने परिवार को धमकाते हुए कहा कि अगर वे पुलिस के पास गए तो अंजाम बुरा होगा।

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बच्ची को 100 किलोमीटर दूर ले जाकर किया गया दुष्कर्म, धर्मपरिवर्तन और निकाह
वहीं अपहरण के बाद बच्ची को लगभग 100 किलोमीटर दूर हाफिजाबाद ले जाया गया जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया, जंजीरों में जकड़ा गया और गुलामों की तरह सलूक किया गया। अपने साथ हुए अत्याचारों को याद करके वह बच्ची सिहर उठती है। उसने कहा, मुझे रस्सियों और जंजीरों से बांधकर रखा जाता था और बहुत ज्यादा काम करवाया जाता था। बच्ची ने रोते हुए कहा कि मेरा धर्म परिवर्तन किया गया फिर निकाह कर दिया गया।
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तीन महीने बाद दर्ज हुआ मामला, लेकिन कार्रवाई फिर भी नहीं
बच्ची के पिता मामला दर्ज करवाने के लिए पास के पुलिस स्टेशन गए, लेकिन वहां से भी कोई मदद नहीं मिली। तीन महीने तक थाने के चक्कर काटने के बाद रिपोर्ट दर्ज तो हुई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। 
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8 महीने बाद आजाद हुई बच्ची
लगभग 8 महीने तक सारी यातनाएं झेलने के बाद फरवरी 2016 में यह बच्ची किसी तरह वहां से आजाद हुई। इस मामले में अदालत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही।   

शादी की मान्यता की गई रद्द
काफी बहस के बाद आखिरकार अदालत ने बच्ची की शादी को मान्यता रद्द कर दी गई और बच्ची एक बार फिर अपने परिवार के साथ मिल पाई।

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