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पाकिस्तान: विभाजन के समय बिछड़ गया था ईसाई परिवार, करतारपुर के गुरुद्वारा दरबार साहिब में फिर से मिला
Sat, 19 Feb 2022 09:24 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sat, 19 Feb 2022 09:24 PM IST
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करतारपुर साहिब में मिला ईसाई परिवार
- फोटो :
पीटीआई
विस्तार
विभाजन के समय अलग हो गए एक ईसाई परिवार की दूसरी पीढ़ी के सदस्य पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब में फिर से मिले। ईसाई परिवार के सदस्य लगभग 35 साल बाद जब मिले तो भावुक हो गए। इस पल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहे हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में ननकाना जिले के मनावाला में रहने वाले शाहिद रईक मिठू शुक्रवार को अपने परिवार के 40 सदस्यों के साथ गुरुद्वारा दरबार साहिब पहुंचे थे। यहां उन्होंने भारत में अमृतसर के शाहपुर डोगरा गांव के रहने वाले सोनू मिठू से मुलाकात की।
इकबाल मसीह चले गए थे पाक, भाई भारत में ही रुके
सोनू मिठू के साथ उनके परिवार के आठ सदस्य भी यहां पहुंचे थे। बिछड़े परिवार से मुलाकात के बाद शाहिद ने बताया कि हमारे दिवंगत दादा इकबाल मसीह भारत और पाकिस्तान के विभाजन के समय पाकिस्तान आ गए थे लेकिन, उनके भाई इनायत मसीह ने भारत में ही रुकने का फैसला किया था।
सात साल के थे शाहिद जब इनायत आए थे पाकिस्तान
शाहिद ने पुरानी बातों को याद करते हुए बताया कि लगभग 35 साल पहले इनायत ननकाना साहिब के मनावाला में स्थित हमारे घर घूमने के लिए आए थे। तब मेरी उम्र सात साल थी। उन्होंने कहा कि मेरे दादा का निधन दो महीने पहले हो गया था। शाहिद के दादा के दो बड़े भाइयों का निधन भी हो चुका है।
यूट्यूबर ने की इस बिछड़े परिवार को मिलवाने में मदद
उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले परिवार के सदस्यों से हमारा संपर्क टूट गया था। इस परिवार को मिलाने में ननकाना साहिब के रहने वाले भूपेंद्र सिंह लवली ने अहम भूमिका निभाई। लवली यूट्यूब पर चैनल चलाते हैं जिसके माध्यम से वह दोनों देशों में रहने वाले रिश्तेदारों को मिलवाने में मदद करते हैं।