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छोटूभाई माकन का 96 साल की उम्र में निधन, गांधी जी के दांडी मार्च के बने थे गवाह

Fri, 15 May 2020 08:27 PM IST
श्रीधर मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जोहान्सबर्ग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जोहान्सबर्ग Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Fri, 15 May 2020 08:27 PM IST
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Chotubhai Makan, who was witness to Gandhiji's salt march in 1930, died at the age of 96
गांधी जी

एक समय महात्मा गांधी के नेतृत्व वाले अभियान में शामिल होने वाले छोटूभाई माकन का 96 साल की उम्र में शुक्रवार को निधन हो गया। छोटूभाई ने साल 1930 में महात्मा गांधी के प्रसिद्ध दांडी मार्च में भी हिस्सा लिया था। दक्षिण अफ्रीका में उनकी पहचान एक प्रसिद्ध गुजराती नेता के रूप में भी थी। 

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पूरे जीवन सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे छोटूभाई ने दक्षिण अफ्रीका के ट्रांसवाल प्रांत में हिंदू सेवा समाज के अध्यक्ष के रूप में भी योगदान दिया। दक्षिण अफ्रीका में वह ऐसे अंतिम व्यक्ति थे, जिन्होंने गांधी जी दांडी मार्च को देखा था। दक्षिण अफ्रीका में होने वाले सार्वजनिक समारोह में छोटूभाई माकन अक्सर गांधी जी के विचारों को रखा करते थे। वह बताते थे कि कैसे सिर्फ छह साल की उम्र में अपनी मां के साथ हजारों लोगों के साथ सड़क पर खडे़ थे ताकि गांधी जी और उनके सहयोगी देश में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरोध में मार्च निकाल सकें। छोटूभाई माकन के दोस्त और पड़ोसी रहे जीवन रामजी ने उन्हें याद करते हुए कहा कि वह अक्सर भारत की स्वतंत्रता में गांधी जी की भूमिका के बारे में बताते थे। 

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