भारत जवाब देने में सक्षम, पीएम मोदी के इस भाषण को चीनी सोशल मीडिया अकाउंट ने हटाया
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चीन के दो सोशल मीडिया अकाउंट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को भारतीय दूतावास के पेज से हटा दिया है। बीजिंग में मौजूद भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि पीएम मोदी के 18 जून के भाषण के साथ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की टिप्पणियों को हटाने में वीबो (Weibo) भी शामिल है। कहा जा रहा है कि यह कदम गलवां घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के मद्देनजर उठाया गया है।
भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव की टिप्पणियों की प्रतिलिपि 18 जून को सीना वीबो ने दूतावास के अकाउंट से हटा दिया। इसके बाद भारतीय अधिकारियों ने 19 जून को श्रीवास्तव की टिप्पणियों के स्क्रीन शॉट्स को फिर से प्रकाशित किया।
वीबो पर है पीएम मोदी का भी अकाउंट
चीन में सिना वीबो को ट्विटर की तरह इस्तेमाल किया जाता है। इसके लाखों उपयोगकर्ता हैं और बीजिंग में सभी दूतावासों के अलावा प्रधानमंत्री मोदी सहित कई विश्व नेताओं ने चीनी लोगों के साथ बातचीत करने के लिए इसपर अपने अकाउंट खोले हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की टिप्पणियों को आधिकारिक वी चैट के अकाउंट से भी हटा दिया गया है। वी चैट यह लिखकर इसे हटाया गया कि यह नियमों का उल्लंघन करता है।
अपनी टिप्पणियों में श्रीवास्तव ने चीन से कहा था कि वह अपनी गतिविधियों को वास्तविक नियंत्रण रेखा के किनारे तक ही सीमित रखे और इसे बदलने के लिए एकतरफा कार्रवाई न करे। गलवां घाटी में मारे गए भारतीय सैनिकों के बारे में प्रधानमंत्री मोदी की 18 जून की टिप्पणी भी वी चैट से हटा दी गई है।
पेज यह बता रहा है कि सामग्री लेखक द्वारा हटा दी गई है, लेकिन दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने इसे नहीं हटाया है। गलवां घाटी में हुई झड़प के बाद पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि मारे गए भारतीय सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। पीएम ने जोर देते हुए ने कहा था कि भारत शांति चाहता है, लेकिन अगर उकसाया गया तो वह जवाब देने में सक्षम है।