फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Chinese President Xi Jinping 3 hours long speech which clear China intention

शी जिनपिंग के 3 घंटे लंबे भाषण में ही साफ हो गए थे चीन के मंसूबे, महाशक्ति बनने का इरादा किया था जाहिर

Wed, 17 Jun 2020 04:39 PM IST
अमित कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली 
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली  Published by: अमित कुमार Updated Wed, 17 Jun 2020 04:39 PM IST
विज्ञापन
Chinese President Xi Jinping 3 hours long speech which clear China intention
XI Jinping - फोटो : Social Media

चीन की चालबाजियों से यूं तो पूरी दुनिया ही वाकिफ होती जा रही है। उसकी कथनी और करनी में फर्क एक नहीं बल्कि कई बार साफ नजर आता है। इस बार भी ऐसा ही सीमा विवाद पर भारत संग बातचीत का ढोंग रचाते हुए उसने फिर से पीठ में छुरा घोंप दिया। हमारे 20 जवान शहीद हुए लेकिन शहादत से पहले उन्होंने चीनी सेना को सबक सिखाया। उनके 47 के करीब सैनिक हताहत हुए। 

विज्ञापन


देखा जाए तो चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साल 2017 में कम्युनिस्ट पार्टी के अधिवेशन में अपने भाषण के जरिए ही अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। अपने तीन घंटे लंबे भाषण में उन्होंने यूं तो पड़ोसियों संग बातचीत से सीमा विवाद सुलझाने की बात कही, लेकिन अप्रत्यक्ष तौर पर चेतावनी भी दे डाली। यही नहीं 2050 तक वैश्विक शक्ति बनने की अपनी योजना का विस्तार से वर्णन भी किया। जिनपिंग ने अपने इस भाषण में बता दिया कि चीन खुद को दुनिया के मंच पर केंद्रीय भूमिका में देख रहा है। 
विज्ञापन


शी जिनपिंग ने अपने भाषण में कई उपलब्धियां गिनवाईं और भविष्य के लिए अपना रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि चीन एक नए युग में प्रवेश कर चुका है, जहां हमें दुनिया के केंद्रीय मंच पर अपनी जगह लेनी चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दुनिया के केंद्रीय मंच पर जगह लेने की मंशा
लोकतंत्र के हमेशा खिलाफ रहे चीन ने इस भाषण के माध्यम से दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश की कि साम्यवाद ही नया विकल्प है। जिनपिंग ने कहा कि चीनी विशेषताओं के साथ साम्यवाद के तहत मुल्क ने तेजी से विकास किया। यह दिखाता है कि दूसरे मुल्कों के पास एक नया विकल्प है। उन्होंने कहा कि चीनी विशेषताओं के साथ साम्यवाद के मायने ये हुए कि आज चीन दुनिया में महान शक्ति बन गया। चीन का विकास मॉडल समृद्धिशील रहा। हम विकासशील देशों के लिए नए विकल्प के तौर पर उभरे हैं। अब वक्त आ गया है कि हम दुनिया के केंद्रीय मंच पर अपनी जगह लें और मानवजाति को अपना महान योगदान दें। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि कम्युनिस्ट पार्टी हर उस बात का विरोध करेगी, जो चीन के नेतृत्व को नकारेगी।

पड़ोसी देशों से जुड़े विवाद का जिक्र    

  • जिनपिंग ने कहा कि चीन सौहार्द, ईमानदारी, पारस्परिक लाभ और समावेश के सिद्धांत और साझेदारी और दोस्ती बनाने की नीति पर काम करेगा। 
  • इस समय चीन से सिक्किम क्षेत्र के डोकलाम को लेकर गतिरोध उत्पन्न हो गया था। 
चीनी सेना के विकास पर दिया जोर 
  • शी जिनपिंग ने पीपल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) को एक विश्वस्तरीय सेना बनाने पर जोर दिया।  उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सशस्त्र सेना का आधुनिकीकरण मुख्य रूप से 2035 तक पूरा हो जाएगा।
  • सीपीसी खुफिया सेना के विकास में तेजी और युद्ध क्षमता के लिए संयुक्त अभियान का जिक्र भी इस दौरान हुआ। 
शी जिनपिंग के भाषण की खास बातें
  • चीन के साम्यवादी आधुनिकीकरण की योजना को 2050 तक लाने के लिए दो चरण की योजना का ब्यौरा दिया गया। 
  • इसमें चीन को समृद्ध और खूबसूरत बनाने की बात कही गई। 
  • तिब्बत, हांगकांग और अन्य जगहों पर हुए आंदोलनों को लेकर भी जिनपिंग ने चेतावनी दी। ताइवान को चीन का हिस्सा बताने की चीनी सरकार की बात को दोहराया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed