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China: चीन की नौसेना ने पहली बार अपने सभी तीन विमानवाहक पोतों का किया संचालन, रिपोर्ट में दावा

Tue, 24 Sep 2024 06:57 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 24 Sep 2024 06:57 PM IST
सार

China: चीनी नौसेना भविष्य में चार से पांच विमानवाहक पोतों की योजना बना रही है। ताकि वैश्विक स्तर पर उसका प्रभाव बढ़ सके, जिसमें दक्षिण चीन सागर, ताइवान जलडमरूमध्य और हिंद महासागर में उनकी तैनाती शामिल है।

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Chinese navy operates all three aircraft carriers for first time: Report
चीन का विमानवाहक पोत फुजियान - फोटो : आईस्टॉक

विस्तार

चीन की नौसेना ने हाल ही में पहली बार अपने सभी तीन विमानवाहक पोतों का संचालन किया। जिससे पता चलता है कि इसका विमानवाहक कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह जानकारी मंगलवार को देश के सरकारी मीडिया की ओर से दी गई। 
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पीएलए की नौसेना के अभी दो विमानवाहक पोत सक्रिय हैं- लियानओनिंग और शांदोंग। लियाओनिंग सोवियत युग का पोत है। यह उसका पहला विमानवाहक पोत है और इसे पुनर्निर्मित किया गया है। इसे 25 सितंबर, 2012 को कमीशन किया गया था। जबकि शांदोंग स्वदेशी रूप से निर्मित दूसरा विमानवाहक पोत है। इसका तीसरा विमानवाहक पोत फुजियान है। जो अन्य दो पोतों से बड़ा है और इसका भारत 80 हजार टन है। इसका अभी परीक्षण किया जा रहा है। 
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लियानओनिंग के कमीशन की 12वीं वर्षगांठ कल यानी बुधवार को है। सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि पिछले हफ्ते सभी तीन विमानवाहक पोतों का अभ्यास और परीक्षण किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन का विमानवाहक कार्यक्रम तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
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सरकारी मीडिया के मुताबिक, चीनी नौसेना भविष्य में चार से पांच विमानवाहक पोतों की योजना बना रही है। ताकि वैश्विक स्तर पर उसका प्रभाव बढ़ सके, जिसमें दक्षिण चीन सागर, ताइवान जलडमरूमध्य और हिंद महासागर में उनकी तैनाती शामिल है। फुजियान पहला पूरी तरह से स्वदेशी रूप से विकसित और निर्मित विमानवाहक पोत है, जिसमें अमेरिका के यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड की तरह एक 'विद्युत चुंबकीय विमान प्रक्षेपण प्रणाली' है। 

पिछले हफ्ते ओनिंग जापान के डियाओयू द्वीप के पास से गुजरा तो उसने इसके खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। यह द्वीप जापान के नियंत्रण में है। इसे जापान सेनकाकु कहता है। चीन समय-समय पर इन द्वीपों पर अपने दावे को मजबू करने के लिए अपने तट रक्षक जहाज भेजता है। चीनी नौसेना लियाओनिंग का उपयोग खासतौर पर प्रशिक्षण के उद्देश्यों के लिए करती है। 
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