Pakistan: इस्लाम का ‘अपमान कर’ चीनी नागरिक बना पाकिस्तान सरकार के गले की फांस
पाकिस्तान में इस्लाम का अपमान एक गंभीर मामला है। पिछले साल फरवरी में इसी इल्जाम में खानेवाल जिले में एक व्यक्ति की पत्थरों से मार कर हत्या कर दी गई थी। उसके पहले दिसंबर 2021 में ऐसे ही एक मामले में सियालकोट की एक फैक्टरी में एक श्रीलंकाई इंजीनियर की वहां के कर्मचारियों ने पीट-पीट कर मार डाला था...
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पाकिस्तान में रहने वाले एक चीनी नागरिक के इस्लाम का कथित अपमान करने का मामला शहबाज शरीफ सरकार के लिए मुसीबत बन रहा है। चीनी नागरिक को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन आशंका है कि इससे चीन की नाराजगी पाकिस्तान को झेलनी पड़ सकती है। उधर इस मामले में किसी प्रकार की नरमी का संकेत मिलने पर कट्टरपंथी इस्लामी गुटों का गुस्सा सरकार को झेलना पड़ सकता है।
यह घटना कोहिस्तान नाम की जगह पर हुई। उसके बाद चीनी नागरिक की सुरक्षा के लिए पैदा हुए खतरे को देखते हुए उसे पाकिस्तान की सेना के हेलीकॉप्टर से एबटाबाद ले जाया गया। पाकिस्तान में इस्लाम का अपमान करने वाले व्यक्तियों की लीचिंग (भीड़ द्वारा पीट कर मार डालने) की घटनाएं आम हैं।
आरोपी चीनी नागरिक डासू पनबिजली परियोजना में काम करता है। इसी परियोजना में काम करने वाले मजदूरों ने रविवार रात उस पर इस्लाम का अपमान करने का आरोप लगाया। तब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कोमिला थाने के इंचार्ज नसीरुद्दीन के मुताबिक चीनी नागरिक पर पाकिस्तान की दंड संहिता की धारा 295-सी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह धारा पैगंबर मोहम्मद के सम्मान की हिफाजत करने से संबंधित है।
इसके पहले पुलिस को खबर मिली थी कि एक बड़ी भीड़ बरसीन स्थित चीनी कैंप में घुसने की कोशिश कर रही है। स्थानीय लोगों की वहां जुटी भीड़ ने कैंप में तोड़फोड़ भी की। तब पुलिस वहां पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर कोमिला थाने ले गई। इससे उस समय भीड़ काबू में आ गई, लेकिन सोमवार सुबह फिर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हो गए और उन्होंने काराकोरम हाइवे को जाम कर दिया। उन्होंने चीन विरोधी नारे भी लगाए। जब पुलिस ने स्थानीय मजहबी नेताओं को एफआईआर की कॉपी सौंपी, तब जाकर उनके कहने पर काराकोरम हाइवे से जाम हटाया गया। उसके बाद चीनी नागरिक को एबटाबाद ले जाया गया।
थाना इंचार्ज नसीरुद्दीन ने बताया कि भीड़ के हमले का अंदेशा रहने के कारण आरोपी को कोमिला से बाहर ले जाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि एफआईआर में आतंकवाद विरोधी कानून की धारा 7 भी लगाई गई है और आरोपी को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पाकिस्तान में इस्लाम का अपमान एक गंभीर मामला है। पिछले साल फरवरी में इसी इल्जाम में खानेवाल जिले में एक व्यक्ति की पत्थरों से मार कर हत्या कर दी गई थी। उसके पहले दिसंबर 2021 में ऐसे ही एक मामले में सियालकोट की एक फैक्टरी में एक श्रीलंकाई इंजीनियर की वहां के कर्मचारियों ने पीट-पीट कर मार डाला था।
थिंक टैंक सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्युरिटी स्टडीज (सीआरएसएस) के आंकड़ों के मुताबिक 1947 के बाद से ऐसा करने के आरोपी 89 लोगों की हत्या की जा चुकी है। सीआरएसएस ने इस बारे में जनवरी 2022 में एक रिपोर्ट जारी की थी। उसके मुताबिक आजादी के बाद से उस समय तक पाकिस्तान में ईशनिंदा यानी इस्लाम के अपमान की 1,415 घटनाएं दर्ज हुई थीं, जिनमें 89 लोगों की भीड़ ने हत्या कर दी थी। इन आरोपियों में 18 महिलाएं भी शामिल थीं।