{"_id":"595c58644f1c1bf0138b46bc","slug":"chinese-media-says-its-time-to-teach-india-bitter-lesson-greater-than-1962","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत को 1962 से बड़ा जख्म देने का समय, सिखाया जाए कड़ा सबक- चीनी मीडिया","category":{"title":"China","title_hn":"चीन","slug":"china"}}
भारत को 1962 से बड़ा जख्म देने का समय, सिखाया जाए कड़ा सबक- चीनी मीडिया
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
Updated Wed, 05 Jul 2017 10:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद बढ़ता जा रहा है। बुधवार को चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपे लेख में भारत को कड़ा सबक सिखाने की बात कही गई। लेख में कहा गया कि भारत को एक कड़ा सबक सिखाना चाहिए। साथ ही लेख में भारत को चेतावनी दी गई कि अगर वह चाइना के साथ युद्ध करता है को उसे 1962 से ज्यादा नुकसान होगा।
विज्ञापन
ग्लोबल टाइम्स के इस लेख में कहा गया कि अगर भारत को लगता है कि उसकी सेना चीन का मुकाबला कर सकती है तो हमें उसे अपनी ताकत का एहसास कराना होगा। जेटली सही हैं कि अब भारत 1962 वाला भारत नहीं है, लेकिन अगर युद्ध होता है तो भारत को 1962 से ज्यादा नुकसान होगा।
विज्ञापन
आगे लिखा गया कि अब यह भारत को तय करना होगा कि वह क्या चाहता है। भारतीय सैनिक खुद अपनी सीमा में वापस जाते हैं या चीनी सैनिक उन्हें पीछे खदेड़ें।
यह लेख वित्त मंत्री अरुण जेटली और सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के बयान के जवाब के रूप में छपा है। गौरतलब है कि डोकलाम को लेकर भारत के कड़े रूख के बाद चीन चिढ़ा हुआ है। यह कोई पहला मौका नहीं है जब चीनी मीडिया ने भारत को चेतावनी दी हो।
विज्ञापन
इससे पहले भी डोकलाम को लेकर चीनी मीडिया ने भारत को 1962 का सबक न भुलने की नसीहत दी थी। जिसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि 2017 का भारत, 1962 वाला भारत नहीं है। वहीं सेना प्रमुख बिपिन रावत ने भी चीन के रुख का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि भारत किसी भी प्रकार के युद्ध के लिए तैयार है।