घुसपैठ के बावजूद आईटीबीपी की ऑपरेशनल कमान सेना को नहीं
भारत-चीन सीमा के उल्लंघन के मामलों में 20-25 फीसदी बढ़ोतरी के बावजूद भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की ऑपरेशनल कमान फिलहाल सेना को सौंपने की कोई योजना नहीं है।
गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के मुताबिक, इस वर्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के उल्लंघन के मामले 20 से 25 फीसदी बढ़े हैं। हालांकि ऐसा मोटे तौर पर एलएसी को लेकर बनी धारणा के कारण है। एलएसी का निर्धारण सही तरीके से नहीं किया गया है। यह दावा भी नहीं किया जा सकता कि आईटीबीपी के जवानों ने कभी इस रेखा को पार नहीं किया। जब यह पूछा गया कि क्या आईटीबीपी की ऑपरेशनल कमान सेना को सौंपने का कोई प्रस्ताव है तो अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है।
हालांकि सेना रक्षा मंत्रालय के मार्फत कई वर्षों से गृहमंत्रालय से यह अनुरोध करती रही है कि आईटीबीपी की ऑपरेशनल कमान उसे सौंप दी जाए। इससे एलएसी पर तैनात बलों के बीच समन्वय बेहतर हो सकेगा। सिक्किम के हालात के बारे में पूछने पर अधिकारियों ने कहा कि आईटीबीपी पूर्वोत्तर के राज्यों में सीमा पर तैनात नहीं है, इसलिए वे इस मसले पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं।