फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China to build 1124 MW power project despite India's objection to POK

पीओके में भारत की आपत्ति के बावजूद चीन बनाएगा 1124 मेगावाट की बिजली परियोजना

Wed, 03 Jun 2020 06:04 AM IST
श्रीधर मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Wed, 03 Jun 2020 06:04 AM IST
विज्ञापन
China to build 1124 MW power project despite India's objection to POK
फाइल फोटो - फोटो : AFP

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भारत की आपत्तियों के बावजूद चीन अरबों डॉलर के सीपीईसी के तहत निर्माण कार्य तेज कर रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट में मंगलवार को बताया गया कि चीन ने सीपीईसी के तहत पीओके में 1124 मेगावाट की एक बिजली परियोजना को हरी झंडी दिखा दी है।

विज्ञापन


एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, कोहाला जलविद्युत परियोजना का ब्योरा सोमवार को पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री उमर अयूब की अध्यक्षता वाली प्राइवेट पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड (पीपीआईबी) की 127वीं बैठक के दौरान पेश किया गया। बैठक में बताया गया कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) के तहत 1124 मेगावाट की कोहाला जलविद्युत परियोजना के निर्माण के लिए एक त्रिपक्षीय समझौता किया गया है, जिस पर चीन की थ्री गॉर्जेज कॉरपोरेशन, पीओके के अधिकारी और पीपीआईबी ने हस्ताक्षर किए हैं। झेलम नदी पर बनने वाली इस परियोजना पर करीब 2.4 अरब डॉलर का खर्च आएगा।
विज्ञापन


पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर और लद्दाख के गिलगित-बाल्टिस्तान से होकर गुजरने वाले 3000 किलोमीटर लंबे सीपीईसी का निर्माण चीन और पाकिस्तान मिलकर कर रहे हैं। इसके तहत चीन के शिनजियांग राज्य को पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से रेल, सड़क, पाइपलाइन और ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क के जरिये जोड़ा जाना है। भारत लगातार इसे अपनी संप्रभुता का हनन बताते हुए इस पर आपत्ति जता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो महीने में दूसरी परियोजना

बता दें कि विवादित क्षेत्र में यह एक महीने के अंदर दूसरी बड़ी परियोजना है, जिसका निर्माण पाकिस्तान और चीन मिलकर करेंगे। पिछले महीने गिलगित-बाल्टिस्तान में 442 अरब डॉलर की लागत से एक बांध बनाने की परियोजना पर चीन की सरकारी कंपनी और पाकिस्तानी सेना की कॉमर्शियल शाखा ने हस्ताक्षर किए थे। भारत ने अपनी जमीन पर पाकिस्तान के अवैध कब्जे की बात दोहराते हुए इस परियोजना पर आपत्ति जताई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed