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चीन : कोर्ट ने तिब्बती लेखक को दलाई लामा के प्रति वफादारी व्यक्त करने पर सुनाई 10 साल की सजा 

Mon, 13 Dec 2021 12:03 AM IST
Kuldeep Singh एएनआई, बीजिंग
एएनआई, बीजिंग Published by: Kuldeep Singh Updated Mon, 13 Dec 2021 12:03 AM IST
सार

चीनी अदालत ने तिब्बती लेखक और शिक्षक गो शेरब ग्यात्सो को आध्यात्मिक नेता दलाई लामा के प्रति वफादारी व्यक्त करने के लिए 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। इससे पहले लेखक ग्यात्सो ने चीनी शासन के तहत रहने वाले तिब्बतियों पर प्रतिबंधों का वर्णन करते हुए किताबें और लेख लिखे थे।
 

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China: Tibetan writer Go Sherab Gyatsoko sentenced to 10 years in prison for expressing loyalty to Dalai Lama
जेल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock

विस्तार

रेडियो फ्री एशिया (आरएफए) के अनुसार, तिब्बत में एक चीनी अदालत ने तिब्बती लेखक और शिक्षक गो शेरब ग्यात्सो को आध्यात्मिक नेता दलाई लामा के प्रति वफादारी व्यक्त करने के लिए एक गुप्त ट्रायल में 10 साल जेल की सजा सुनाई है। इससे पहले लेखक गो शेरब ग्यात्सो ने चीनी शासन के तहत रहने वाले तिब्बतियों पर प्रतिबंधों का वर्णन करते हुए किताबें और लेख लिखे थे।

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इसके अलावा सिचुआन के नगाबा (चीनी, आबा) तिब्बती स्वायत्त प्रान्त में कीर्ति मठ में एक 46 वर्षीय भिक्षु गो शेरब ग्यात्सो को 26 अक्तूबर, 2020 को सिचुआन की राजधानी चेंगदू में राज्य सुरक्षा एजेंटों द्वारा अज्ञात आरोपों में हिरासत में लिया गया था। 

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ग्यात्सो के करीबी सूत्रों ने कहा, इस बीच ग्यात्सो को जल्द ही तिब्बत की क्षेत्रीय राजधानी ल्हासा के पास एक जेल में ले जाया जाएगा। आरएफए के अनुसार, जिन आरोपों पर उन्हें दोषी ठहराया गया था, उनके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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आरएफए से बात करते हुए निर्वासन में रहने वाले एक तिब्बती विद्वान ने ग्यात्सो का वर्णन किया। जिन्होंने चीनी शासन के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंधों का वर्णन करने वाली किताबें और लेख लिखे थे। खुले विचारों वाला एक व्यक्ति जो तिब्बती भाषा, धर्म और संस्कृति के संरक्षण की वकालत करता है।


उन्होंने कहा, मानवाधिकार दिवस पर उनकी 10 साल की सजा के बारे में सुनकर यह दुखद खबर है। और मैं संयुक्त राष्ट्र, दुनिया भर की सरकारों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस मामले को तुरंत देखने का आह्वान करना चाहता हूं।



चीनी सरकार ने अक्तूबर में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों के 16 जुलाई के पत्र का जवाब दिया जिसमें ग्यात्सो के मामले के बारे में पूछा गया था, जिसमें कहा गया था कि ग्यात्सो को अलगाव को उकसाने के संदेह पर कानून के अनुसार आपराधिक हिरासत में रखा गया था।

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