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China-Taiwan Conflict: सैनिक अभ्यास के पीछे चीन के मकसद को लेकर अंधकार में हैं पश्चिमी देश

Thu, 11 Aug 2022 06:56 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 11 Aug 2022 06:56 PM IST
सार

China-Taiwan Conflict: चीन ने ताइवान जलडमरूमध्य में सैनिक अभ्यास बीते हफ्ते शुरू किया। सैनिक अभ्यास के दौरान चीन की नौसेना ताइवान तट के करीब उस जगह तक चली गई है, जहां वह पहले नहीं जाती थी...

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China-Taiwan Conflict: tension arose after China announced to extend military drills around Taiwan indefinitel
China-Taiwan Conflict- taiwan military drills - फोटो : Agency

विस्तार

चीन के ताइवान के आसपास सैनिक अभ्यास को अनिश्चित काल तक बढ़ाने के एलान के बाद से पश्चिमी राजधानियों में भारी बेचैनी है। चीन ने यह भी नहीं बताया है कि अभ्यास के इस दौर में वह सिर्फ छह ठिकानों तक सीमित रहेगा या अभ्यास क्षेत्र में भी विस्तार करेगा। चीन ने तीन से सात अगस्त तक के सैनिक अभ्यास छह ठिकानों से किए थे।

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मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक चीन के सैनिक अभ्यास को लेकर अमेरिकी अधिकारी अंधेरे में हैं। व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा है- ‘अगर चीन सैनिक अभ्यास और अपने उग्र बयानों को देना रोक दे, तो वह तनाव घटाने में बड़ा योगदान कर सकता है।’ उधर ताइवानी अधिकारियों ने कहा है कि चीन इस अभ्यास की आड़ में उस पर हमले की तैयारी कर रहा है।

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चीन ने ताइवान जलडमरूमध्य में सैनिक अभ्यास बीते हफ्ते अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव की स्पीकर नैंसी पेलोसी को ताइवान यात्रा के विरोध में शुरू किया। चीन ने पेलोसी की यात्रा को ‘गैर जिम्मेदार’ और चीन की प्रादेशिक अंखडता के खिलाफ बताया था। सैनिक अभ्यास के दौरान चीन की नौसेना ताइवान तट के करीब उस जगह तक चली गई है, जहां वह पहले नहीं जाती थी। इसके अलावा चीन के लड़ाकू विमानों ने ताइवान के ऊपर से उड़ानें भरी हैं। ताइवान के ऊपर से मिसाइलें भी दागी गई हैं।

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अमेरिकी विश्लेषकों के मुताबिक ताइवान पर अभी हमला करना चीन की प्राथमिकता नहीं है। बल्कि वह उस रणनीति की तैयारी कर रहा है, जिससे उसकी सेना ताइवान की नाकेबंदी कर दे। ताइवान के चीन समर्थक अखबार चाइना टाइम्स ने अपनी एक टिप्पणी में लिखा है कि चीनी सैनिक अभ्यास का व्यावहारिक मतलब ताइवान की नाकेबंदी है। अनुमान लगाया गया है कि चीन आर्थिक नाकेबंदी कर ताइवान को झुकाने की रणनीति पर चल रहा है।

ताइवान के आर्थिक मंत्रालय ने बताया है कि देश में 11 दिन तक सप्लाई लायक प्राकृतिक गैस और 146 दिन सप्लाई लायक पेट्रोल- डीजल है। सैनिक अभ्यास के पहले चार दिन चीन ने ताइवान के चारों तरफ समुद्री मार्ग को बंद कर दिया था। उससे उस दौरान ताइवान तक ईंधन टैंकर नहीं पहुंच पाए।

तमाम विश्लेषकों की राय है कि पेलोसी की यात्रा के बाद चीन ने अपना पुराना संयम छोड़ दिया है। हांगकांग के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पस्ट ने लिखा है- ‘इस बार बिल्कुल अलग बात देखने को मिली है। चीन ने ताइवान जलडमरुमध्य को लेकर कायम रही पुरानी सहमति तोड़ दी है। वह ताइवान को चेतावनी देने के मकसद से सैनिक अभ्यास कर रहा है।’

ये अभ्यास कब तक चलेगा, इसे चीन ने नहीं बताया है। इसलिए पश्चिमी विश्लेषक इस बारे में और इस अभ्यास के बारे में सिर्फ कयास लगा पा रहे हैं। कनाडा से प्रकाशित जर्नल- कानवा एशियन डिफेंस के प्रधान संपादक आंद्रेई चांग ने वेबसाइट एशिया टाइम्स से कहा- ‘चीन यह दुनिया को दिखाना चाहता है कि उसकी सेना ताइवान को लेकर युद्ध के लिए तैयार है। लेकिन साथ ही चीन सुनिश्चित करना चाहता है कि युद्ध से जुड़े जोखिम कहीं उसके नियंत्रण से बाहर ना हो जाएं।’

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