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China: भारत की UNHRC में मतदान से दूरी पर चीन ने साधी चुप्पी, शिनजियांग में कार्रवाई का इस तरह किया बचाव
Sat, 08 Oct 2022 06:58 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 08 Oct 2022 06:58 PM IST
सार
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने अपने भारतीय समकक्ष अरिंदम बागची के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि शिनजियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य आतंकवाद और अलगाववाद का मुकाबला करना था। उन्होंने कहा कि हमारे कड़े प्रयासों की बदौलत शिनजियांग में लगातार पांच सालों से कोई हिंसक आतंकवादी घटना नहीं हुई।
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भारत-चीन
- फोटो : iStock
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विस्तार
चीन ने शिनजियांग में मानवाधिकार की स्थिति पर यूएनएचआरसी में मतदान में भारत के भाग न लेने पर शनिवार को चीन ने प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया। हालांकि उसने शिनजियांग में उइगर मुसलमानों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का बचाव किया है। गुरुवार को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में शिनजियांग मुद्दे पर भारत द्वारा मतदान से दूर रहने और शुक्रवार को इसे लेकर भारत के बयान के बाद आज यानी शनिवार को चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने प्रतिक्रिया दी है।
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चीन ने दी प्रतिक्रिया
उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष अरिंदम बागची के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि शिनजियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य आतंकवाद और अलगाववाद का मुकाबला करना था। उन्होंने कहा कि हमारे कड़े प्रयासों की बदौलत शिनजियांग में लगातार पांच सालों से कोई हिंसक आतंकवादी घटना नहीं हुई। हालांकि इस दौरान माओ निंग, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में प्रस्ताव पर भारत के मतदान से दूर रहने के सवाल पर चुप्पी साध ली। इस प्रस्ताव में शिनजियांग में मानवाधिकार की स्थिति पर बहस का आह्वान किया गया था।
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17 ने पक्ष में व 19 ने विपक्ष में किया मतदान
बता दें, शिनजियांग के उइगर मुस्लिमों पर यूएनएचआरसी में आया मसौदा प्रस्ताव खारिज हो गया। 47 सदस्यीय परिषद में 17 ने इसके पक्ष में तो 19 ने विपक्ष में मतदान किया और भारत, ब्राजील, मैक्सिको और यूक्रेन समेत 11 देश अनुपस्थित रहे। दिलचस्प बात यह रही कि चीन के बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव में आने वाले सोमालिया जैसे देशों ने चर्चा के पक्ष में मतदान किया।
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चीन मुद्दे पर कही यह बात
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने चीन के साथ LAC पर विवाद को लेकर कहा कि LAC पर डिसइंगेजमेंट के जो कदम जरूरी हैं, अभी उस स्थिति तक नहीं पहुंचे हैं। ऐसा कहना सही नहीं होगा कि स्थिति सामान्य है। कुछ सकारात्मक कदम हुए हैं, लेकिन कुछ कदम अभी शेष हैं।
भारत सभी मानवाधिकारों के लिए प्रतिबद्ध: बागची
उन्होंने कहा कि भारत सभी मानवाधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है। UNHRC में भारत का वोट लंबे समय से चली आ रही स्थिति-देश-विशिष्ट प्रस्तावों के अनुरूप कभी मददगार नहीं होता। भारत ऐसे मुद्दों से निपटने के लिए बातचीत का पक्षधर है। चीन के शिनजियांग प्रांत में मानवाधिकारों की चिंताओं का OHCHR आकलन नोट किया गया। चीन के शिनजियांग प्रांत के लोगों के मानवाधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।