फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   china seeks help of pakistani army to face indian army in the rigion of laddakh

नापाक इरादे: भारत का सामना करने के लिए चीन ले रहा पाकिस्तान का सहारा, पाक आर्मी दे रही पीएलए को ट्रेनिंग

Sun, 03 Oct 2021 01:11 PM IST
सुभाष कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: सुभाष कुमार Updated Sun, 03 Oct 2021 01:11 PM IST
सार

इन अधिकारियों के पीएलए के पश्चिमी थिएटर कमान और दक्षिणी थिएटर कमान में तैनात होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। बता दें कि इन दो कमांड के पास भारतीय सीमा और चीन के शिनजियांग क्षेत्र की जिम्मेदारी है।

विज्ञापन
china seeks help of pakistani army to face indian army in the rigion of laddakh
पाक आर्मी दे रही है पीएलए को ट्रेनिंग। - फोटो : social media

विस्तार

भारत के खिलाफ चीन और पाकिस्तानी सेना का नया गठजोड़ सामने आया है। खुफिया सूचनाओं के मुताबिक चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के कैंपों में पाकिस्तान के कर्नल रैंक के अधिकारी उनकी मदद कर रहे है।खबरों की माने तो पाकिस्तान और चीन ने गोपनीय सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए सहमति बनाई है। इसी के बाद पाकिस्तान फौज के अधिकारियों को पीएलए की मदद करने भेजा गया है। इस वक्त भी पाकिस्तानी सेना के कई बड़े सैन्य अधिकारी चीनी सेना के कैंपों में मौजूद हैं। इन अधिकारियों के पीएलए के पश्चिमी थिएटर कमान और दक्षिणी थिएटर कमान में तैनात होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। बता दें कि इन दो कमान के पास भारतीय सीमा और चीन के शिनजियांग क्षेत्र की जिम्मेदारी है। शिनजियांग क्षेत्र में ही चीन ने लाखों उईगर मुस्लिमों को बंधक बना कर रखा है। 
विज्ञापन


क्या है इस कदम का कारण 
2020 में भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा हुई झड़प के बाद से चीन ने अपने क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों को तेज कर रखा है। इस झड़प में चीन को भारी नुकसान होने की खबरें सामने आई थी। इसके बाद से ही चीन ने भारत से लगी सीमा पर कमांडरों सहित अनेक नए परिवर्तन किए हैं। हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने सबसे खास सैन्य कमांडर वांग हैजियांग को भारत से लगी सीमा को देखने वाले वेस्टर्न थिएटर कमांड का प्रमुख बनाया था। चीन ने अब तक लद्दाख सीमा से सैनिकों की तैनाती पूरी तरह नहीं हटाई है। इसके जवाब में भारत ने भी सीमा पर किसी भी मुसीबत से निबटने के लिए पूरी तैयारी की है। भारत भी चीन-पाकिस्तान के इस नए गठजोड़ पर अपनी निगाहें जमाएं हुए है।
विज्ञापन


भारत के खिलाफ ट्रेनिंग
इन कदमों का मुख्य कारण चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का पर्वतीय क्षेत्रों की लड़ाईयों में सक्षम न होना बताया जाता है। जबकि भारतीय सेना ने कई बार इन क्षेत्रों में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। ऐसा माना जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना के अधिकारी चीनी सेना को इन दुर्गम क्षेत्रों के लिए ट्रेनिंग देंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पाकिस्तानी सेना भारत से चीन के मुकाबले ज्यादा आामना-सामना करती है। उसने हमेशा से ही भारत के खिलाफ युद्ध की रणनीतियां बनाई हैं।जम्मू-कश्मीर के क्षेत्र में सालों से दोनों सेनाओं के बीच गोलीबारी भी चलती आई है। इसी बात को फायदा मानकर चीन अपनी सेना को ट्रनिंग देने के लिए पाकिस्तानी सेना की मदद ले रहा है। इन सैन्य अधिकारियों का काम चीन के सैनिकों को युद्ध की रणनीति बनाने में मदद करना, पर्वतीय और दुर्गम इलाकों में लड़ाई-झड़पों के लिए प्रशिक्षित करना है। सूचना के मुताबिक पाकिस्तान के सेंट्रल कमीशन के अधिकारी चीन में मौजूद हैं। बता दें कि इसी विभाग के पास भारत के खिलाफ रणनीति बनाने की जिम्मेदारी होती है। इसके अलावा पाकिस्तान के कई सेना अधिकारी पहले से भी बीजिंग स्थित दूतावास में मौजूद हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed