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चीन के सबसे बड़े परमाणु केंद्र से 90 वैज्ञानिकों का इस्तीफा, सरकार डाल रही दबाव
Sat, 25 Jul 2020 03:25 PM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 25 Jul 2020 03:25 PM IST
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चीन के सबसे बड़े शोध केंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी सेफ्टी टेक्नोलॉजी (आईनेस्ट) से गुरुवार को 90 वैज्ञानिकों ने पद से इस्तीफा दे दिया है। लगभग 500 लोगों के साथ काम करने वाले इस संस्थान से पिछले साल 200 वैज्ञानिकों ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद यहां 100 से भी कम लोग रह गए थे। अब यहां हालात ऐसे हैं कि इसका संचालन करना भी मुश्किल हो रहा है।
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वैज्ञानिकों द्वारा इस्तीफा दिए जाने के कई कारण बताए जा रहे हैं। हालांकि सबसे अहम चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा संस्थान पर पूर्ण कब्जा करना बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि वो इसपर कब्जा करके दबावपूर्वक काम करवाना चाहती है। जून में आईनेस्ट में काम करने वालों का अपनी पैरेंटिंग संस्था से विवाद हो गया था।
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इसके अलावा संस्थान के वैज्ञानिक को न तो जरूरी संसाधन और सुविधाएं दी जा रही हैं और न ही उन्हें काम करने को लेकर आजादी है। आईनेस्ट हैफी इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल साइंस के निर्देश पर काम करता है। इसे चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंस के नाम से भी जाना जाता है। यह चीन के उन अहम संस्थानों में से एक हैं जो 200 से ज्यादा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में हिस्सा ले चुका है।
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यहां के 80 प्रतिशत शोधकर्ताओं के पास पीएचडी की डिग्री है। पिछले साल चीन सरकार की अपील पर अमेरिका और यूरोप में काम करने वाले 16 हजार वैज्ञानिक वापस स्वदेश लौट आए थे ताकि चीन को विज्ञान का पावरहाउस बना सकें। सरकार ने इन वैज्ञानिकों को भरोसा दिलाया था कि उन्हें विदेशों की तरह सारी मूलभूत सुविधाएं दी जाएंगी। हालांकि यहां आने के बाद उनका ये भ्रम टूट गया। इसे भी वैज्ञानिकों के इस्तीफा देने का कारण माना जा रहा है।