{"_id":"617a8fa16b826e0d26513776","slug":"china-says-new-land-border-law-will-not-affect-existing-border-treaties-after-india-raised-concerns","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीन की सफाई: मौजूदा सीमा समझौतों को प्रभावित नहीं करेगा नया भूमि सीमा कानून, भारत ने जताई थी आपत्ति","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
चीन की सफाई: मौजूदा सीमा समझौतों को प्रभावित नहीं करेगा नया भूमि सीमा कानून, भारत ने जताई थी आपत्ति
Thu, 28 Oct 2021 05:25 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 28 Oct 2021 05:25 PM IST
सार
पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के बीच नया भूमि कानून लाने पर भारत की आपत्ति के बाद चीन ने इसे लेकर सफाई दी है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने गुरुवार को कहा कि यह कानून मौजूदा सीमा समझौतों पर कोई असर नहीं डालेगा। इससे पहले भारत ने इस कानून को चिंता का विषय बताया था।
विज्ञापन
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चीन ने अपने नए और विवादित भूमि सीमा कानून को लेकर गुरुवार को कहा कि इस कानून को लागू करने से मौजूदा सीमा समझौते प्रभावित नहीं होंगे। इसके साथ ही चीन ने संबंधित देशों से अनुरोध किया कि एक सामान्य से अधिनियम को लेकर बेवजह के अनुमान न लगाएं।
विज्ञापन
पड़ोसी देश की राष्ट्रीय विधायिका, नेशनल पीपल्स कांग्रेस (एनसीपी), ने 23 अक्तूबर को सीमा क्षेत्रों में भूमि के संरक्षण के लिए और उसके दुरुपयोग को बंद करने के लिए एक नया भूमि सीमा कानून लागू किया था। चीन के इस कदम पर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
मौजूदा संधियों पर असर नहीं डालेगा कानून
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने गुरुवार को इस कानून से लेकर एक सवाल के जवाब में इस नए कानून का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य घरेलू कानून है जो हमारी वास्तविक जरूरतों को पूरा करता है और अंतरराष्ट्रीय अभ्यास की पुष्टि करता है।
विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा कि इस कानून में अपने पड़ोसी देशों के साथ चीन के सहयोग और भूमि सीमा के मुद्दों से निपटने के लिए स्पष्ट शर्तों का उल्लेख किया गया है। यह मौजूदा सीमा संधियों को प्रभावित नहीं करेगा और न ही पड़ोसी देशों के साथ सहयोग में मौजूदा स्थिति बदलेगा।
भारत ने कानून को बताया 'एकतरफा कदम'
भारत ने बुधवार को इस कानून को एकतरफा करार देते हुए कहा था कि इसे दोनों पक्षों के बीच पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे सैन्य गतिरोध के बीच पारित किया गया है। भारत ने उम्मीद जताई थी इसकी आड़ में चीन स्थिति बदलने वाली एकतरफा कार्रवाई नहीं करेगा।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने चीन के इस कानून को चिंता का विषय बताया था और कहा था कि इससे दोनों देशों के मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों में मुश्किलों को बढ़ा सकता है। ऐसे एकतरफा फैसलों का पहले से हो चुके समझौतों पर कोई असर नहीं होगा।