{"_id":"6728f55fbd08963663009166","slug":"china-says-implementation-of-agreement-with-india-to-disengage-troops-going-smoothly-2024-11-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"India-China Disengagement: चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा- सुचारू तौर पर पीछे हट रही हैं दोनों देशों की सेनाएं","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
India-China Disengagement: चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा- सुचारू तौर पर पीछे हट रही हैं दोनों देशों की सेनाएं
Mon, 04 Nov 2024 09:55 PM IST
राहुल कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 04 Nov 2024 09:55 PM IST
सार
India-china: चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, चीनी और भारतीय सैनिक उस समाधान को क्रियान्वित कर रहे हैं जिस पर दोनों पक्ष सीमा क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर पहुंचे हैं। यह इस समय सुचारू रूप से जारी है।
विज्ञापन
डोकलाम क्षेत्र
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लद्दाख के देपसांग और डेमचोक में भारत और चीन की सेनाएं पीछे हट रही है। चीन ने सोमवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में सैनिकों को पीछे हटाने के लिए भारत के साथ समझौते का कार्यान्वयन इस समय सुचारू रूप से जारी है। हालांकि चीन की ओर से देपसांग और डेमचोक में दो टकराव बिंदुओं पर गश्त फिर से शुरू होने के बारे में टिप्पणी नहीं की गई।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक सवाल के जवाब में कहा, चीनी और भारतीय सैनिक उस समाधान को क्रियान्वित कर रहे हैं जिस पर दोनों पक्ष सीमा क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर पहुंचे हैं। यह इस समय सुचारू रूप से जारी है। हालांकि, उन्होंने भारतीय सैनिकों द्वारा दो क्षेत्रों में गश्त शुरू किए जाने को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब नहीं दिया है।
इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को नयी दिल्ली में मीडिया को बताया था कि भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख में दूसरे टकराव बिंदु देपसांग में सत्यापन गश्त शुरू कर दी है। पूर्वी लद्दाख में दो टकराव बिंदुओं से भारतीय और चीनी सैनिकों के पीछे हटने के एक दिन बाद शुक्रवार को डेमचोक में गश्त शुरू हो गई थी।
विज्ञापन
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 21 अक्टूबर को दिल्ली में कहा था कि पिछले कई हफ्तों की बातचीत के बाद भारत और चीन के बीच एक समझौते को अंतिम रूप दिया गया है जिससे 2020 में उत्पन्न हुए मुद्दों का समाधान निकलेगा।
समझौते के तहत पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गश्त और सैनिकों के पीछे हटने पर पर सहमति बनी थी, जिसे चार साल से अधिक समय से जारी गतिरोध को समाप्त करने में एक बड़ी सफलता माना गया। जून 2020 में गलवान घाटी में भीषण झड़प के बाद दोनों एशियाई शक्तियों के बीच संबंध खराब हो गए थे।
विज्ञापन
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक सवाल के जवाब में कहा, चीनी और भारतीय सैनिक उस समाधान को क्रियान्वित कर रहे हैं जिस पर दोनों पक्ष सीमा क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर पहुंचे हैं। यह इस समय सुचारू रूप से जारी है। हालांकि, उन्होंने भारतीय सैनिकों द्वारा दो क्षेत्रों में गश्त शुरू किए जाने को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब नहीं दिया है।
विज्ञापन
इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को नयी दिल्ली में मीडिया को बताया था कि भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख में दूसरे टकराव बिंदु देपसांग में सत्यापन गश्त शुरू कर दी है। पूर्वी लद्दाख में दो टकराव बिंदुओं से भारतीय और चीनी सैनिकों के पीछे हटने के एक दिन बाद शुक्रवार को डेमचोक में गश्त शुरू हो गई थी।
विज्ञापन
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 21 अक्टूबर को दिल्ली में कहा था कि पिछले कई हफ्तों की बातचीत के बाद भारत और चीन के बीच एक समझौते को अंतिम रूप दिया गया है जिससे 2020 में उत्पन्न हुए मुद्दों का समाधान निकलेगा।
समझौते के तहत पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गश्त और सैनिकों के पीछे हटने पर पर सहमति बनी थी, जिसे चार साल से अधिक समय से जारी गतिरोध को समाप्त करने में एक बड़ी सफलता माना गया। जून 2020 में गलवान घाटी में भीषण झड़प के बाद दोनों एशियाई शक्तियों के बीच संबंध खराब हो गए थे।