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Chang'e-6 mission: पाकिस्तान के क्यूबसैट उपग्रह को चीन का सहारा, 2024 चंद्र मिशन में शामिल करने की कही बात
Mon, 02 Oct 2023 04:32 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Mon, 02 Oct 2023 04:32 PM IST
सार
जहां एक तरफ पाकिस्तान अंदरूनी हालातों से जूझ रहा है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान की चांद तक पहुंच की महत्वकांक्षा को सहारा मिला है। चीन ने दावा किया कि वह 2024 के अपने चंद्र मिशन (चांग'ई-6 मिशन ) में पाकिस्तान के एक पेलोड को ले जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
चीन को पाकिस्तान पर बढ़ा प्रेम आ रहा है। चीन ने हाल ही में दिए अपने बयान में कहा कि हम अंतिरक्ष में पाकिस्तान का पेलोड ले जाएंगे। चीन ने कहा कि 2024 के लिए निर्धारित अगला चंद्र मिशन पाकिस्तान से भी एक पेलोड ले जाएगा। चीन की स्पेस एजेंसी ने कहा दोनों दोस्त अंतरिक्ष क्षेत्र में अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं।
क्या है चीन का चांग'ई-6 मिशन ?
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने चीन नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (सीएनएसए) के हवाले से बताया कि चांग'ई-6 चंद्र मिशन मौजूदा समय में योजना के मुताबिक अनुसंधान और विकास कार्य से गुजर रहा है। चांग'ई-6 मिशन को 2024 में चंद्रमा के सुदूर हिस्से से नमूने वापस लाने का काम सौंपा गया है। दूर का हिस्सा आमतौर पर पुराना है और इसमें ऐटकेन बेसिन शामिल है, जो तीन प्रमुख चंद्र भू-आकृतियों में से एक है।
चांग'ई-6 मिशन का उद्देश्य भिन्न क्षेत्रों से चंद्र नमूनों का पता लगाने और एकत्र करने के लिए दक्षिणी ध्रुव-एटकेन बेसिन पर उतरना है। द ग्लोबल टाइम्स अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, आज तक, इंसानों द्वारा किए गए सभी 10 चंद्र नमूना मिशन चंद्रमा के नजदीकी हिस्से पर हुए हैं।
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चीन अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देगा
अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए, चांग'ई-6 मिशन कई देशों और क्षेत्रों से पेलोड और उपग्रह परियोजनाओं को ले जाएगा। फ्रांस का डोर्न रेडॉन डिटेक्शन उपकरण, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का नकारात्मक आयन डिटेक्टर, इटली का लेजर रेट्रोरिफ्लेक्टर और पाकिस्तान का क्यूबसैट।
क्यूबसैट पाकिस्तान का एक छोटा उपग्रह
क्यूबसैट पाकिस्तान का एक छोटा उपग्रह है। इस साल की शुरुआत में, पाकिस्तान ने पर्यावरण की दृष्टि से बीजों पर शोध के लिए चीनी अंतरिक्ष स्टेशन, तियांगोंग को भी बीज भेजे थे। इसी तरह, पाकिस्तान तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन के साथ-साथ चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अधिक महत्वाकांक्षी चीन के नेतृत्व वाले बेस में शामिल होने के लिए एक औपचारिक समझौते की संभावना तलाश रहा है।
शिन्हुआ रिपोर्ट में कहा गया है कि चांद के दूर के हिस्से और पृथ्वी के बीच संचार करने के लिए चीन 2024 में अपने नव विकसित रिले उपग्रह क्यूकियाओ-2 या मैगपाई ब्रिज-2 को लॉन्च करने की प्लानिंग कर रहा है।
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क्या है चीन का चांग'ई-6 मिशन ?
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने चीन नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (सीएनएसए) के हवाले से बताया कि चांग'ई-6 चंद्र मिशन मौजूदा समय में योजना के मुताबिक अनुसंधान और विकास कार्य से गुजर रहा है। चांग'ई-6 मिशन को 2024 में चंद्रमा के सुदूर हिस्से से नमूने वापस लाने का काम सौंपा गया है। दूर का हिस्सा आमतौर पर पुराना है और इसमें ऐटकेन बेसिन शामिल है, जो तीन प्रमुख चंद्र भू-आकृतियों में से एक है।
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चांग'ई-6 मिशन का उद्देश्य भिन्न क्षेत्रों से चंद्र नमूनों का पता लगाने और एकत्र करने के लिए दक्षिणी ध्रुव-एटकेन बेसिन पर उतरना है। द ग्लोबल टाइम्स अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, आज तक, इंसानों द्वारा किए गए सभी 10 चंद्र नमूना मिशन चंद्रमा के नजदीकी हिस्से पर हुए हैं।
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चीन अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देगा
अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए, चांग'ई-6 मिशन कई देशों और क्षेत्रों से पेलोड और उपग्रह परियोजनाओं को ले जाएगा। फ्रांस का डोर्न रेडॉन डिटेक्शन उपकरण, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का नकारात्मक आयन डिटेक्टर, इटली का लेजर रेट्रोरिफ्लेक्टर और पाकिस्तान का क्यूबसैट।
क्यूबसैट पाकिस्तान का एक छोटा उपग्रह
क्यूबसैट पाकिस्तान का एक छोटा उपग्रह है। इस साल की शुरुआत में, पाकिस्तान ने पर्यावरण की दृष्टि से बीजों पर शोध के लिए चीनी अंतरिक्ष स्टेशन, तियांगोंग को भी बीज भेजे थे। इसी तरह, पाकिस्तान तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन के साथ-साथ चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अधिक महत्वाकांक्षी चीन के नेतृत्व वाले बेस में शामिल होने के लिए एक औपचारिक समझौते की संभावना तलाश रहा है।
शिन्हुआ रिपोर्ट में कहा गया है कि चांद के दूर के हिस्से और पृथ्वी के बीच संचार करने के लिए चीन 2024 में अपने नव विकसित रिले उपग्रह क्यूकियाओ-2 या मैगपाई ब्रिज-2 को लॉन्च करने की प्लानिंग कर रहा है।