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SCO: भारत में होने वाली एससीओ बैठक में शामिल होंगे शी जिनपिंग, चीनी विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि
Fri, 30 Jun 2023 10:45 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 30 Jun 2023 10:45 AM IST
सार
चीन की सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर शी जिनपिंग के बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। भारत में एससीओ की बैठक चार जुलाई को होनी है।
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शी जिनपिंग
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत की अध्यक्षता में अगले हफ्ते होने वाली एससीओ (शंघाई कॉपरेशन ऑर्गेनाइजेशन) की बैठक में शामिल होंगे। शी जिनपिंग वर्चुअली इस बैठक से जुड़ेंगे। चीन ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एससीओ की 23वीं परिषद प्रमुखों की बैठक में शामिल होंगे।
चीनी विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि
बता दें कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के चलते दोनों देशों के रिश्तों में तनाव कायम है। यही वजह है कि चीनी राष्ट्रपति के एससीओ बैठक में शामिल होने को लेकर संशय था। हालांकि अब चीन की सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर शी जिनपिंग के बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। भारत में एससीओ की बैठक चार जुलाई को होनी है।
क्या है एससीओ
बता दें कि शंघाई कॉपरेशन ऑर्गेनाइजेशन एक प्रभावी आर्थिक और सुरक्षा संगठन है, जो दुनिया के सबसे बड़े अंतरक्षेत्रीय संगठनों में से एक है। एससीओ की शुरुआत साल 2001 में चीन के शंघाई में हुई थी। रूस, चीन, किर्गिस्तान, कजाखस्तान , ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान, इसके संस्थापक सदस्य देश हैं। साल 2017 में भारत और पाकिस्तान को भी इसका स्थायी सदस्य बनाया गया। इस साल एससीओ की अध्यक्षता भारत के पास है। गौरतलब है कि पहली बार भारत की अध्यक्षता में यह बैठक हो रही है। इससे पहले मंगलवार को बीजिंग स्थित एससीओ सचिवालय में नई दिल्ली हॉल का उद्घाटन किया गया।
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ये भी पढ़ें- Road: भारत चीन को पछाड़ बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क, 2014 के बाद जोड़े 1.45 लाख किमी
अभी तक एससीओ सचिवालय में इसके छह संस्थापक देशों के हॉल मौजूद थे लेकिन अब भारत का हॉल भी इस सचिवालय में शुरू हो गया है, जिसमें भारत की विशिष्ट संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इसका उद्घाटन किया।
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चीनी विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि
बता दें कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के चलते दोनों देशों के रिश्तों में तनाव कायम है। यही वजह है कि चीनी राष्ट्रपति के एससीओ बैठक में शामिल होने को लेकर संशय था। हालांकि अब चीन की सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर शी जिनपिंग के बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। भारत में एससीओ की बैठक चार जुलाई को होनी है।
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क्या है एससीओ
बता दें कि शंघाई कॉपरेशन ऑर्गेनाइजेशन एक प्रभावी आर्थिक और सुरक्षा संगठन है, जो दुनिया के सबसे बड़े अंतरक्षेत्रीय संगठनों में से एक है। एससीओ की शुरुआत साल 2001 में चीन के शंघाई में हुई थी। रूस, चीन, किर्गिस्तान, कजाखस्तान , ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान, इसके संस्थापक सदस्य देश हैं। साल 2017 में भारत और पाकिस्तान को भी इसका स्थायी सदस्य बनाया गया। इस साल एससीओ की अध्यक्षता भारत के पास है। गौरतलब है कि पहली बार भारत की अध्यक्षता में यह बैठक हो रही है। इससे पहले मंगलवार को बीजिंग स्थित एससीओ सचिवालय में नई दिल्ली हॉल का उद्घाटन किया गया।
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अभी तक एससीओ सचिवालय में इसके छह संस्थापक देशों के हॉल मौजूद थे लेकिन अब भारत का हॉल भी इस सचिवालय में शुरू हो गया है, जिसमें भारत की विशिष्ट संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इसका उद्घाटन किया।