UNSC meeting: आतंकवाद पर चीन दोहरे मापदंड से बाज आए, यूएनएससी में भारत ने किया आगाह
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने सोमवार को 'संवाद एवं सहयोग के जरिये साझा सुरक्षा' को बढ़ावा देने पर आयोजित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि सभी देशों को एक-दूसरे की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सम्मान करना चाहिए।
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आतंकवाद को लेकर 'दोहरे मापदंड' अपनाने पर भारत ने चीन को आगाह किया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन पर प्रत्यक्ष तौर पर निशाना साधते हुए भारत ने कहा कि यथास्थिति बदलने की कोशिश करने वाली कोई भी बलपूर्वक या एकतरफा कार्रवाई साझा सुरक्षा के सिद्धांत का उल्लंघन होगी।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने सोमवार को 'संवाद एवं सहयोग के जरिये साझा सुरक्षा' को बढ़ावा देने पर आयोजित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि सभी देशों को एक-दूसरे की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सम्मान करना चाहिए।
चीन ने बुलाई थी बैठक
यूएनएससी की यह बैठक चीन की ओर से बुलाई गई थी। चीन अगस्त माह के लिए सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है। 15 सदस्यीय इस परिषद में उसके पास वीटो का अधिकार है। कंबोज ने चीन और उसके करीबी सहयोगी पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा, 'साझा सुरक्षा तभी संभव है, जब सभी देश आतंकवाद जैसे साझा खतरों के खिलाफ एक साथ खड़े हों और दोहरे मापदंड न अपनाएं।' उन्होंने क्षेत्र में चीन के आक्रामक रुख को लेकर भी उस पर निशाना साधा।
संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें
कंबोज ने कहा कि यथास्थिति बदलने की कोशिश करने वाली कोई भी बलपूर्वक या एकतरफा कार्रवाई साझा सुरक्षा का उल्लंघन है। साझा सुरक्षा तभी संभव है, जब देश एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें, जैसे कि वे अपनी संप्रभुता का सम्मान किए जाने की उम्मीद करते हैं।
पूर्वी लद्दाख में सैन्य जमावड़े की ओर इशारा
कंबोज की इस टिप्पणी का इशारा चीन द्वारा 2020 में पूर्वी लद्दाख में सैनिकों का जमावड़ा कर सीमा समझौतों का उल्लंघन करने की ओर माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच लद्दाख में दशकों बाद सैन्य झड़प हुई थी। इसमें भारत के 20 जवान शहीद हुए थे। चीन को भी भारी जानमाल का नुकसान पहुंचा था। इसके बाद से दोनों देशों की सेनाएं मोर्चे पर डटी हैं।