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Uyghurs: महिलाओं से दुष्कर्म-पुरुषों की नसबंदी, कुरान रखना भी पड़ रहा भारी; चीन कर रहा उइगरों के फोन की जांच
Thu, 11 May 2023 06:29 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 11 May 2023 06:29 PM IST
सार
ह्यूमन राइट्स वॉच नामक संस्था की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि लीक हुए पुलिस डेटा से पता चला है कि उरुमकी के लगभग 1,400 निवासियों के फोन में 1,000 से अधिक ऐसी फाइलें पाईं गई हैं जो पुलिस की मास्टर सूची से मेल खाती थीं। पुलिस के मुताबिक ये फाइलें इस्लामिक अतिवाद से संबंधित हैं।
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उइगर मुसलमान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चीन में उइगर मुस्लिमों की स्थिति चिंताजनक है। इसे लेकर समय-समय पर कई रिपोर्ट्स भी सामने आती रहती हैं। वहीं अब सामने आया है कि चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों को कुरान रखने पर चरमपंथी कहा जा रहा है। इतना ही नहीं चीनी अधिकारियों ने इस समुदाय से ताल्लुक रखने वाले मुसलमानों के फोन की निगरानी भी की जा रही है। यह खुलासा ह्यूमन राइट्स वॉच की चार मई की एक रिपोर्ट में हुआ है।
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शिनजियांग पुलिस ने जारी की पचास हजार मल्टीमीडिया फाइल
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि शिनजियांग प्रांत की पुलिस ने 50,000 मल्टीमीडिया फाइल जारी की हैं। इनके आधार पर उन्होंने उईगुर मुसलमानों और तुर्क मुस्लिमों को हिंसक और चरमपंथी करार दिया है।
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शिनजियांग पुलिस की वेबसाइट से लीक डेटा का हवाला देते कहा गया है कि 2017 से 2018 तक नौ महीनों के दौरान पुलिस ने शिनजियांग की राजधानी शहर उरुमकी में बड़े पैमाने पर उइगर मुसलमानों के मोबाइल फोन की जांच की। चीन में एचआरडब्ल्यू के कार्यवाहक निदेशक ने इसके बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सर्विलांस तकनीक की मदद से बीजिंग उइगर मुसलमानों के फोन की जांच करता है। जिन लोगों के मोबाइल में कुरान मिलती है, पुलिस उनसे कभी पूछताछ शुरू कर सकती हैं।
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1000 से ज्यादा इस्लामिक अतिवाद से संबंधित फाइलें मिली
ह्यूमन राइट्स वॉच नामक संस्था की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि लीक हुए पुलिस डेटा से पता चला है कि उरुमकी के लगभग 1,400 निवासियों के फोन में 1,000 से अधिक ऐसी फाइलें पाईं गई हैं जो पुलिस की मास्टर सूची से मेल खाती थीं। पुलिस के मुताबिक ये फाइलें इस्लामिक अतिवाद से संबंधित हैं। कहा जा रहा है कि शिनजियांग पुलिस की लीक हुई सूची 2019 में पुलिस द्वारा इंटरसेप्ट किए गए डाटा का बड़ा हिस्सा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन फाइलों में पुलिस को काफी हिंसक फोटो वीडियो औप ऑडियो मिले हैं। कहा जा रहा है कि देखने और सुनने के आधार पर प्रतीत हो रहा है कि इन्हें इस्लामिक स्टेट द्वारा तैयार किया गया है। इसके साथ ही इन फाइलों में इस्लाम के धार्मिक सामग्री, कुरान के पाठ और शादी के गीत भी है।
10 लाख से ज्यादा उइगर चीन की कैद में
बता दें कि इससे पहले कई मानवाधिकार समूहों की रिपोर्ट में भी इसका खुलासा हो चुका है। इन रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 10 लाख से ज्यादा उइगर मुस्लिम चीन की कैद में हैं। इसके लिए चीन ने शिनजियांग प्रांत में री-एजुकेशन कैंप बनाया है। यहीं पर ट्रेनिंग देने के नाम पर मुसलमानों को प्रताड़ित किया जाता है।
उइगरों पर साथ क्या-क्या अत्याचार करते हैं चीनी?
ये पहली बार नहीं है जब किसी रिपोर्ट में इस तरह के आरोप चीन पर लगे हैं। कई रिपोर्ट्स का दावा है कि जिस री एजुकेशन कैंप में उइगरों को रखा जाता है, वहां महिलाएं और बच्चियों से रेप होता है। कई रिपोर्ट्स के अनुसार कैदियों को कई-कई दिन तक भूखा भी रखा जाता है। इसके अलावा कैदियों की जबरदस्ती नसबंदी भी की जाती है।
कैदियों को कोड़ों-लात, घूसों से पीटा जाता है। कई-कई दिन तक उन्हें सोने नहीं दिया जाता है। छोटे बंकरों में भूखे-प्यासे कैद कर दिया जाता है। अगर कोई भागने की कोशिश करता है तो उसे तुरंत गोली मार दी जाती है।
चीन क्यों करता है उइगर मुसलमानों से नफरत और क्या है स्थिति?
चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों की सबसे बड़ी आबादी रहती है। कथित तौर पर ऐसा कहा जाता है कि ये चीन से अलग होना चाहते हैं। चीन को यही डर सता रहा है। चीन में उइगरों को काफी अमानवीय यातनाएं दी जाती हैं। हालांकि, उइगर मुसलमानों की संख्या बहुत बड़ी है। ये लोग मजदूरी करते हैं। ऐसे में चीन इन्हें कहीं भगाना नहीं चाहता है।