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चीन ने अपनी नीति किया बड़ा बदलाव: ‘स्मॉल इज ब्यूटीफुल’ का नजरिया, चीन की पसंद या मजबूरी?
Sun, 29 Jan 2023 06:39 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हांगकांग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हांगकांग
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sun, 29 Jan 2023 06:39 PM IST
सार
मुख्य रूप से चाइना डेवलपमेंट बैंक (सीडीबी) और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ चाइना (चाइना एग्जिम बैंक) विदेशी परियोजनाओं के लिए ऋण देते हैं। ग्लोबल डेवलपमेंट पॉलिसी सेंटर ने इन दोनों बैंकों के आंकड़ों के आधार पर ही अपनी रिपोर्ट तैयार की है। इसमें कहा गया है कि 2020 और 2021 में चीनी कर्ज अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया।
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चीन की अर्थव्यवस्था
- फोटो : File
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विस्तार
विदेशों में इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण की अपनी परियोजनाओं से संबंधित अपनी नीति में चीन को बड़ा बदलाव लाना पड़ा है। एक ताजा अध्ययन से सामने आया है कि अब चीन छोटी परियोजनाओं में निवेश कर रहा है। ऐसा उसे बड़ी परियोजनाओं को लगे झटके कारण करना पड़ा है। चीनी विशेषज्ञों का कहना है कि अब चीन ने ‘स्मॉल इज ब्यूटीफुल’ का सिद्धांत अपना लिया है, लेकिन असली वजह बड़ी परियोजनाओं में पैदा हुई दिक्कतें हैं।
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ताजा अध्ययन के मुताबिक, चीन के दो बड़े बैंकों ने 2020 और 2021 में 10.5 बिलियन डॉलर के 28 नए कर्ज जारी किए। अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी स्थित ग्लोबल डेवलपमेंट पॉलिसी सेंटर के अध्ययन के मुताबिक यह आंकड़ा बताता है कि 2016 में चरम बिंदु पर पहुंचने के बाद विदेशी विकास परियोजनाओं के लिए चीनी कर्ज में लगातार गिरावट आई है।
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मुख्य रूप से चाइना डेवलपमेंट बैंक (सीडीबी) और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ चाइना (चाइना एग्जिम बैंक) विदेशी परियोजनाओं के लिए ऋण देते हैं। ग्लोबल डेवलपमेंट पॉलिसी सेंटर ने इन दोनों बैंकों के आंकड़ों के आधार पर ही अपनी रिपोर्ट तैयार की है। इसमें कहा गया है कि 2020 और 2021 में चीनी कर्ज अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया।
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चीन ने विदेशी विकास परियोजनाओं में निवेश 2008 से शुरू किया था। तब से 2021 तक उसने 1,099 परियोजनाओं के लिए कर्ज दिया है। इनके लिए वह 498 बिलियन डॉलर का ऋण जारी कर चुका है। बॉस्टन यूनिवर्सिटी स्थित रिसर्चर और इस रिपोर्ट की लेखिका रिबेका रॉय ने अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट को बताया कि न सिर्फ चीन की तरफ से दिए जाने वाले कर्ज की रकम घटी है, बल्कि अब वह अपेक्षाकृत छोटे आकार की परियोजनाओं के लिए ही कर्ज दे रहा है।
रॉय ने कहा- ‘हाल के वर्षों में चीन ने स्मॉल इज ब्यूटीफुल का नजरिया अपनाया है। इसके तहत अपेक्षाकृत छोटी और लक्ष्य-केंद्रित परियोजनाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।’ उन्होंने कहा कि अब चीन का जोर ऐसी परियोजनाओं पर है, जिनका भौगोलिक दायरा छोटा हो, और जिनमें जोखिम कम हो।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नवंबर 2021 में बेल्ट एंड रोड फोरम को संबोधित करते हुए ऐसी ‘उच्च गुणवत्ता वाली छोटी और सुंदर परियोजनाओं’ में निवेश को प्राथमिकता देने की बात कही थी, जो टिकाऊ हों और जिनसे लोगों की आजीविका में सुधार हो। जानकारों के मुताबिक उसके बाद से ही चीनी बैंकों ने ऋण देने की अपनी नीति में बदलाव किया।
नई अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में चीन ने सिर्फ दो सेक्टरों- ट्रांसपोर्ट और सार्वजनिक प्रशासन के लिए ऋण जारी किए। ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए भी सिर्फ एक ही ऋण जारी किया गया। वह भी उस परियोजना के लिए था, जिस पर काम कोविड-19 महामारी आने के पहले शुरू हो गया था। ये परियोजना बांग्लादेश में चल रही है।
जिन देशों में सार्वजनिक प्रशासन संबंधी परियोजनाओं के लिए चीन ने 2021 में कर्ज जारी किए, उनमें पाकिस्तान, श्रीलंका, तुर्किये, अंगोला, त्रिनीडाड और टोबैगो शामिल हैँ। रिबेका रॉय ने कहा कि चीन का बदला नजरिया पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय आबादी के हितों के लिहाज से सकारात्मक माना जाएगा।