फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China lost 45 soldiers during galwan valley clashes with Indiantroops at LAC Russian news agency

भारत-चीन सीमा समझौता के बीच रूसी समाचार एजेंसी का दावा, गलवान घाटी में मारे गए थे 45 चीनी सैनिक

Thu, 11 Feb 2021 12:27 PM IST
दीप्ति मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Thu, 11 Feb 2021 12:27 PM IST
विज्ञापन
China lost 45 soldiers during galwan valley clashes with Indiantroops at LAC Russian news agency
भारतीय और चीनी सेना (फाइल फोटो) - फोटो : social media

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एलएसी पर सेनाओं के पीछे हटाने को लेकर हुए समझौते की जानकारी देने के बीच रूसी समाचार एजेंसी ने एक बड़ा खुलासा किया है। पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में पिछले साल 15 जून को खूनी झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। वहीं रूसी समाचार एजेंसी तास ( TASS) ने दावा किया है कि अब  गलवान घाटी की हिंसा में 45 चीनी सैनिक मारे गए थे। हालांकि,  चीन अभी तक आधिकारिक तौर पर अपने सैनिकों के मारे जाने की बात को स्वीकार नहीं किया है।

विज्ञापन


रूसी समाचार एजेंसी तास ने यह दावा ऐसे समय में किया है, जब दोनों भारत और चीन अपनी सेनाओं  को पैंगोंग झील से हटाने पर सहमत हो गए हैं।

पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी में हुई हिंसा के बाद से तनाव जारी है। तनाव को देखते हुए  दोनों ही देशों ने करीब 50-50 हजार सैनिकों को तैनात कर रखा है। इससे पहले चीन ने भारत के साथ बैठक में बताया था कि गलवान घाटी संघर्ष में उसके पांच सैनिक मारे गए थे। इसमें चीनी सेना का एक कमांडिंग ऑफिसर भी शामिल था। चीन भले ही अभी पांच सैनिकों के ही मारे जाने की बात रहा हो,  लेकिन अमेरिकी और भारतीय खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि कम से कम 40 चीनी सैनिक इस हिंसा मारे गए थे।

विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


रेजांग ला और रेचिन ला में दोनों ही सेनाएं आमने-सामने
रूसी समाचार एजेंसी का खुलासे से पुष्टि होती है कि इस समय पूर्वी लद्दाख के देपसांग, पैंगोंग झील के नॉर्थ और साउथ बैंक, पेट्रोलिंग प्वाइंट 17A, रेजांग ला और रेचिन ला में दोनों ही सेनाएं आमने-सामने हैं। गलवान हिंसा से सबक लेते भारत ने चीन को साफ कह दिया है कि हमारे सैनिक खुद की सुरक्षा और पूर्वी लद्दाख में अपनी सीमा की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। भारत ने बिल्कुल स्पष्ट भाषा में चीन से कहा कि अगर क्षेत्र में हालात नियंत्रण से बाहर हुए तो हमारे सैनिक गोलियां चलाने से भी तनिक भी नहीं हिचकेंगे।


सेना वापसी की खबर दी 
तास ने ही सबसे पहले भारतीय और चीनी सैनिकों की  पैंगोंग त्सो झील के पास से वापसी की बात कही थी। दोनों देश के बीच हुए समझौते के मुताबिक,  सैनिक धीरे-धीरे पीछे हट रहे हैं। बाद में सैनिकों की वापसी की खबर की पुष्टि चीनी रक्षा मंत्रालय ने भी की थी। चीनी रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि कमांडर स्तर की नौवें दौर की वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच सैनिकों को पीछे हटाने पर सहमति बनी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed