China: ताइवान के मुद्दे पर चीन की चेतावनी, कहा- यह हमारा आंतरिक मामला; किसी बाहरी का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं
चीनी मीडिया के अनुसार, चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू ने मंगलवार को अमेरिका पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चीन के खिलाफ ताइवान का इस्तेमाल करने के प्रयास निश्चित रूप से विफल होंगे
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चीनी रक्षा मंत्रालय ने ताइवान के उपराष्ट्रपति विलियम लाई को उपद्रवी कहा है। चीनी रक्षा मंत्रालय में हाल में अमेरिका पहुंचे ताइवान के उपराष्ट्रपति की निंदा की थी। रक्षा मंत्री ने ताइवान के मामले में अमेरिका को आगाह किया। मंत्री का कहना है कि ताइवान हमारा आतंरिक मामला है, बाहरी का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं है।
चीनी मंत्री बोले- हमारी सेना शांति के लिए प्रतिबद्ध है
चीनी मीडिया के अनुसार, चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू ने मंगलवार को अमेरिका पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चीन के खिलाफ ताइवान का इस्तेमाल करने के प्रयास निश्चित रूप से विफल होंगे। रूस के मास्को में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा पर बोलते हुए ली शांगफू ने कहा कि ताइवन चीन का आंतरिक मामला है। इसमें कोई बाहरी हस्तक्षेप करेगा तो बर्दाश्त नहीं है। ताइवान के साथ चीन को रोकने का प्रयास निसंदेह विफल होगा। चीन के विदेश मंत्रालय ने रविवार को इसकी निंदा की और ताइवान को उपद्रवी बताया। ली ने कहा कि चीनी सेना विश्व में शांति बनाए रखने के लिए दृढ़ है। चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग का लक्ष्य है कि वे अराजकता की दुनिया में वैश्विक सुरक्षा को स्थापित करें।
पुतिन ने भी अमेरिका पर साधा निशाना
न्यूयॉर्क में दोपहर के भोजन के बाद उपराष्ट्रपति विलियम लाई ने भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक अस्तित्व पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि ताइवान सुरक्षित है तो दुनिया सुरक्षित है। ताइवान सीमा पर शांति होगी तो वैश्विक पटल पर शांति स्थापित रहेगी। लाई ने कहा कि जाने कितना बड़ा खतरा क्यों न हो, हम न डरेंगे न झुकेंगे। हम लोकतंत्र और स्वतंत्रता के मूल्यों को बनाए रखेंगे। बता दें, मास्को सम्मलेन में रिकॉर्डेड संदेश में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी अमेरिका पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका वैश्विक विवादों में आग में घी डालने का काम करता है। वह यूक्रेन का समर्थन करता है।
इसलिए बौखला रहा है चीन
ताइवान के उप राष्ट्रपति विलयम लाई कुछ दिनों से अमेरिका के दौरे पर हैं। कुछ दिनों पहले भी चीन ने इस पर खासी नाराजगी जताई थी। चीन ने लाई के अमेरिकी दौरे को अलगाववादी कदम बताया है। चीन ने इस दौरे पर नाराजगी जताई है। इसकी एक वजह ये भी है कि लाई अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में सबसे प्रबल दावेदार हैं। इसलिए चीन की मंशा है कि लाई की अमेरिका से करीबी न बढ़े।