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कोरोना की उत्पत्ति की जांच पर बौखलाया चीन, कहा- प्रयोगशालाओं की जांच करनी है, तो विशेषज्ञ अमेरिका जाएं
Tue, 27 Jul 2021 12:24 PM IST
प्रियंका तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Tue, 27 Jul 2021 12:24 PM IST
सार
जैसे ही चीन से कोरोना वायरस की उत्पत्ति से संबंधित जांच के दूसरे दौर की मांग तेज की गई, उसके तेवर ही बदल गए। बीजिंग ने संयुक्त राज्य अमेरिका पर जुबानी हमला तेज कर दिया और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से चीन में जांच के बजाय अमेरिका के एक सैन्य अड्डे का निरीक्षण करने की मांग की है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर दुनियाभर में बहस छिड़ी हुई है। कुछ वैज्ञानिक इसे प्राकृतिक मानते हैं तो वहीं कई शोधकर्ताओं का यह भी मानना है कि कोरोना की उत्पत्ति चीन के वुहान शहर में स्थित एक लैब में हुई। आखिरकार इस वायरस की उत्पत्ति कहां से हुई, यह पता लगाने के लिए एक बार फिर से चीन के लैबों की जांच की मांग हो रही है। दरअसल, कोरोना का पहला मामला चीन के वुहान में ही देखा गया था, लेकिन चीन अब उल्टे अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कह रहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को चीन के लैब की बजाय अमेरिका के मिलिटरी बेस फोर्ट डेट्रिक की जांच करनी चाहिए।
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चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि लैब लीक थियोरी के समर्थकों को अमेरिकी बायोलॉजिकल लैब की जांच करनी चाहिए। झाओ ने आगे कहा, 'अमेरिका को पारदर्शी और जिम्मेदाराना तरीके से काम करना चाहिए और डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों को अपनी फोर्ट ड्रेट्रिक लैब की जांच के लिए आमंत्रित करना चाहिए। सिर्फ इसी तरह से दुनिया के सामने कोरोना की उत्पत्ति का सच आ सकता है। एक समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक झाओ लिजिआंग ने कहा है कि अमेरिका इस मुद्दे को उलझा रहा है। उसे फोर्ट डेट्रिक में जैविक प्रयोगशाला के आसपास के सभी संदेहों पर एक जिम्मेदार स्पष्टीकरण देना चाहिए।
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कोरोना वायरस की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए दूसरे चरण की जांच
आपको बता दें कि हाल ही में डब्ल्यूएचओ ने कहा था कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए दूसरे चरण की जांच होनी चाहिए। डब्ल्यूएचओ ने कहा था कि चीन के वुहान में स्थित लैब और स्थानीय मार्केट की भी जांच होनी चाहिए। जांच के पहले चरण के दौरान जनवरी में चीनी शोधकर्ताओं के साथ मिलकर डब्ल्यूएचओ की टीम ने वुहान शहर का दौरा किया था। अमेरिका और ब्रिटेन सहित अन्य देशों ने विशेष रूप से वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में और अधिक जांच की मांग की है, जहां चमगादड़ों पर शोध किया जा रहा था।
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पहले चरण में जांच के लिए चीन गई डब्ल्यूएचओ की टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा था कि वायरस संभवतः चमगादड़ या किसी अन्य जानवर से इंसानों में पहुंचा। जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि कोरोना वायरस वुहान के लैब से लीक हुआ है। बाद में डब्ल्यूएचओ के इस रिपोर्ट की काफी आलोचना हुई। हालांकि, इस रिपोर्ट के आने के कुछ हफ्ते बाद ही डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडोनोम ने कहा कि कोरोना के लैब से निकलने की थियोरी को खारिज करना जल्दबाजी होगी।