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चीन ने कोरोना वायरस के शुरुआती सैंपल्स नष्ट करने की बात मानी

Tue, 19 May 2020 11:11 AM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: अनवर अंसारी Updated Tue, 19 May 2020 11:11 AM IST
सार

  • चीन में वायरस के शुरुआती सैंपल्स नष्ट किए गए
  • चीन ने कहा, ये देश में वायरस से निपटने का मानक तरीका

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China agreed on the statement of destroying early samples of coronavirus in Country, says it is standard procedure
coronavirus - फोटो : PTI

विस्तार

चीन ने माना है कि उसने कोरोना वायरस के शुरुआती सैंपल्स नष्ट किए थे। चीन की तरफ से कहा गया है कि उन्होंने कोरोना वायरस के मिले शुरूआती सैंपल्स को नष्ट करने का आदेश दिया था। हालांकि कहा गया है कि ऐसा बायोसेफ्टी की वजह से किया गया था।

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चीन की ये प्रतिक्रिया अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने बार-बार कहा था कि चीन ने कोरोना वायरस के शुरुआती संक्रमितों से लिए सैंपल्स उपलब्ध नहीं करवाए। 
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अमेरिका ने दिसंबर में फैले कोरोना वायरस के सैंपल्स उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया था। लेकिन चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सैंपल्स नष्ट कर दिए थे। इस बारे में चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन के साइंस एंड एजुकेशन डिपार्टमेंट के अधिकारी लिउ डेंगफेंग ने बयान जारी किया है। 
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उन्होंने कहा है कि लेबोरेटरी को खतरे से बचाने के लिए और बायोसेफ्टी के लिहाज से सैंपल्स को नष्ट करने का फैसला लिया गया था। अनजान वायरस से पैदा होने वाली दूसरी महामारी के खतरे को कम करने के लिए ऐसा कदम उठाया गया था। उन्होंने कहा है कि सैंपल्स को मामले की जानकारी छुपाने के लिए नहीं नष्ट किया गया। उनकी मंशा ये नहीं थी कि इसे किसी दूसरे देश के साथ साझा नहीं करना है।

लिउ ने कहा कि ऐसा सिर्फ बायोसेफ्टी वजहों से किया गया। उन्होंने कहा है कि इस मामले को अमेरिका के कुछ अधिकारियों ने गलत दिशा दे दी है और वो लोगों में भ्रम फैलाना चाहते हैं। लिउ ने कहा कि जब पहली बार वुहान में निमोनिया की तरह की बीमारी फैली तो राष्ट्रीय स्तर की लैब ने वायरस की पहचान की तैयारी शुरू कर दी, जिसकी वजह से ये बीमारी फैली थी।

चीन में ये वायरस से निपटने का मानक तरीका
लिउ ने कहा कि लंबे चौड़े शोध और विशेषज्ञों की राय के बाद हमने फैसला किया कि हम अस्थायी तौर पर इस बहुत ही ज्यादा संक्रामक वायरस का प्रबंध करेंगे। हमने बायोसेफ्टी की जरुरतों को ख्याल रखते हुए शुरुआती सैंपल्स को नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा है कि चीन में ये वायरस से निपटने का मानक तरीका है। खासकर ज्यादा तेजी से फैलने वाले वायरस के मामलों में। उन्होंने कहा कि जो भी लेबोरेटरी वायरस को सुरक्षित रखने में सक्षम नहीं होते हैं वो वायरस के सैंपल्स दूसरे लैब में भिजवाते हैं।

वुहान के मांस बाजार से नहीं फैला कोरोना वायरस
एक नए अध्ययन से पता चला है कि कोरोना वायरस चीन में वुहान के मांस बाजार से नहीं फैला है। इस लैंडमार्क साइंटिफिक स्टडी ने चीन के उस दावे को चुनौती दी है, जिसमें उसने कहा था कि कोरोना वुहान के मीट मार्केट से फैला है।


एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना का विशेषज्ञों और बायोलॉजिस्ट ने विश्लेषण किया है। सभी मौजूदा डाटा के मुताबिक संक्रमण पहले से ही संक्रमित व्यक्ति के जरिए मीट मार्केट में पहुंचा। विशेषज्ञों ने खुलासा किया है कि वायरस में पहले से ही एक इंसान से दूसरे में फैलने के लक्षण थे।

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