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बच्चों की वैक्सीन: ईयू के दवा नियंत्रक ने शुरू किया फाइजर-बायोएनटेक के टीके का परीक्षण
Mon, 03 May 2021 10:44 PM IST
सुरेंद्र जोशी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 03 May 2021 10:44 PM IST
सार
कोरोना महामारी के बढ़ते प्रभाव के बीच बच्चों के लिए इससे बचाव की वैक्सीन भी जल्द आने की संभावना है। ईयू के दवा नियंत्रक ने उसका परीक्षण शुरू कर दिया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
पूरे विश्व को परेशान कर रही कोरोना महामारी से बच्चों की सुरक्षा के लिए वैक्सीन जल्द आने की उम्मीद है। यूरोपियन यूनियन के दवा नियंत्रक ईएमए ने बच्चों के लिए फाइजर-बायोएनटेक द्वारा विकसित किए गए टीके का आकलन शुरू कर दिया है। अमेरिका में भी ऐसा ही परीक्षण शुरू हो चुका है।
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कोरोना वायरस से हर उम्र के लोग संक्रमित हो जा रहे हैं। इस महामारी को खत्म करने के लिए फिलहाल जो टीके बनाए गए हैं वे केवल वयस्कों के लिए ही है। जल्द ही बच्चों के लिए भी इस घातक बीमारी से बचने के लिए वैक्सीन आ जाएगी।
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#BREAKING EU drug regulator starts evaluating Pfizer/BioNTech Covid jab for 12 to 15-year-olds pic.twitter.com/whCgZpd6gv
— AFP News Agency (@AFP) May 3, 2021
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जर्मनी की दवा कंपनी बायोएनटेक का कहना है कि वह यूरोप में 12 से 15 साल के बच्चों के लिए जून में कोरोना की वैक्सीन लॉन्च करेगी। कंपनी की वैक्सीन का ईयू ने आकलन शुरू कर दिया है। बता दें फाइजर और उसकी सहयोगी जर्मन कंपनी बायोएनटेक ने इसी साल मार्च के अंत में यह दावा किया था कि उसकी कोविड-19 वैक्सीन 12 साल से बड़ी उम्र के बच्चों के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित और व्यस्कों की तरह ही कोराना वायरस महामारी का असर रोकने में कारगर है। कंपनी ने 12 से 15 साल की उम्र वाले 2260 अमेरिकी वॉलेंटियरों को कोरोना की वैक्सीन देने के बाद सामने आए प्राथमिक डाटा के आधार पर यह दावा किया।
फाइजर का यह दावा स्कूलों में बच्चों को वापस लौटाने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है। फाइजर के सीईओ अर्ल्बअ बौरला ने कहा कि उनकी कंपनी जल्द ही 12 साल से बड़ी उम्र के बच्चों के लिए वैक्सीन उपयोग की आपातकालीन मंजूरी मांगने के लिए यूएसएफडीए और यूरोपीय नियामकों के पास आवेदन दाखिल करेगी।
कई कंपनियां बना रहीं टीका
उल्लेखनीय है कि केवल फाइजर व बायोएनटेक ही नहीं बल्कि करीब आधा दर्जन से अधिक कंपनियां बच्चों के लिए कोरोना वायरस से बचाव का टीका बाजार में उतारने की होड़ में जुटी हुई हैं। कंपनियों का दावा है कि जल्द ही छह माह के बच्चे के लिए भी बाजार में कोरोना टीका उपलब्ध होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस महामारी को रोकना है तो बच्चों का भी टीकाकरण करना ही होगा।
अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना भी 12 से 17 साल तक के बच्चों पर कोरोना वैक्सीन के प्रभाव को लेकर अध्ययन कर रही है। सूत्रों का कहना है कि मॉडर्ना के अध्ययन में सामने आए तथ्य बेहद सकारात्मक हैं। इसके चलते यूएसएफडीए पहले ही फाइजर और मॉडर्ना को 6 साल की उम्र वाले नवजात बच्चे तक पर कोविड-19 के प्रभाव पर शोध करने की अनुमति दे चुका है।