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Thailand: कोविड-19 के इलाज के दौरान बदल गया बच्चे के आंखों का रंग, डॉक्टरों ने बताई ये वजह
Thu, 07 Sep 2023 10:36 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 07 Sep 2023 10:36 AM IST
सार
थाईलैंड में एक छह महीने के बच्चे का कोविड-19 इलाज के दौरान मेडिकल साइड इफेक्ट की वजह से आंखों का रंग हल्का भूरा से नीले रंग में बदल गया।
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COVID-19
- फोटो : Social Media
विस्तार
कोविड-19 के इलाज के दौरान एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसमे मेडिकल साइड इफेक्ट के कारण बच्चे के आंखों का रंग ही बदल गया। दरअसल, यह घटना थाईलैंड की है, जहां एक छह महीने बच्चे को एक दिन बुखार और खांसी के बाद उसमें कोविड के लक्षण मिले। इसके बाद बच्चे को तीन दिन के लिए फेविपिराविर दवाई दिया गया, जिससे बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार आया।
हालांकि, इलाज के 18 घंटे बाद बच्चे की मां ने देखा कि उसके बच्चे की आंखो का रंग बदल गया। बच्चे के आंखों का रंग हल्का भूरा था जो इलाज के बाद नीले रंग में बदल गया। इसे देखते हुए डॉक्टर ने इलाज रोक दिया और फेविपिराविर को पांच दिन तक बंद करने के बाद बच्चे के आंखो का रंग फिर से अपने मूल रूप में आ गया।
बाल रोग विशेषज्ञों ने फेविपिराविर के कारण आंखों के रंग में हुए बदलाव के बाद थेरेपी बंद करने की सलाह दी। इसके बंद करने के पांच दिन बाद कॉर्निया अपने मूल रूप में आ गया। साल 2021 में भारत में भी एक ऐसी घटना सामने आई थी, जहां फेविपिराविर के कारण 20 वर्षीय एक व्यक्ति की गहरे भूरे रंग की आंखें चमकीली नीले रंग में बदल गई थी। साल 2022 में थाईलैंड की सरकार ने कोविड-19 के इलाज के लिए इसके इस्तेमाल की अनुमति दी थी। इसे बच्चों में हल्के से मध्य लक्षणों के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है।
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हालांकि, इलाज के 18 घंटे बाद बच्चे की मां ने देखा कि उसके बच्चे की आंखो का रंग बदल गया। बच्चे के आंखों का रंग हल्का भूरा था जो इलाज के बाद नीले रंग में बदल गया। इसे देखते हुए डॉक्टर ने इलाज रोक दिया और फेविपिराविर को पांच दिन तक बंद करने के बाद बच्चे के आंखो का रंग फिर से अपने मूल रूप में आ गया।
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बाल रोग विशेषज्ञों ने फेविपिराविर के कारण आंखों के रंग में हुए बदलाव के बाद थेरेपी बंद करने की सलाह दी। इसके बंद करने के पांच दिन बाद कॉर्निया अपने मूल रूप में आ गया। साल 2021 में भारत में भी एक ऐसी घटना सामने आई थी, जहां फेविपिराविर के कारण 20 वर्षीय एक व्यक्ति की गहरे भूरे रंग की आंखें चमकीली नीले रंग में बदल गई थी। साल 2022 में थाईलैंड की सरकार ने कोविड-19 के इलाज के लिए इसके इस्तेमाल की अनुमति दी थी। इसे बच्चों में हल्के से मध्य लक्षणों के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है।
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