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Britain: ब्रिटेन के राजा के रूप में चार्ल्स III का संसद में पहला भाषण, 900 से अधिक सदस्य रहे मौजूद
Mon, 12 Sep 2022 10:43 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, लंदन
पीटीआई, लंदन
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 12 Sep 2022 10:43 PM IST
सार
अपनी मां और ब्रिटेन की महरानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद किंग चार्ल्स III सोमवार को ब्रिटेन के सम्राट के रूप में पहली बार संसद को संबोधित किया।
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किंग चार्ल्स III
- फोटो : Social Media
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विस्तार
अपनी मां और ब्रिटेन की महरानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद किंग चार्ल्स III ने सोमवार को ब्रिटेन के सम्राट के रूप में पहली बार संसद को संबोधित किया। इस दौरान संसद के लगभग 900 सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अपने पहले संबोधन में ‘इतिहास के महत्व’ और ‘अपनी प्रिय दिवंगत मां’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संसद हमारे लोकतंत्र का जीवंत तंत्र है।
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इसके बाद 73 वर्षीय सम्राट ने क्वीन कंसोर्ट कैमिला के साथ एडिनबर्ग के लिए उड़ान भरी और दिवंगत रानी के ताबूत के पीछे एक शाही जुलूस का नेतृत्व किया। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के जीवन का जश्न मनाने के लिए एक विशेष सेवा के बाद, ताबूत 24 घंटे के लिए गिरजाघर में रखा जाएगा ताकि जनता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सके। चार्ल्स तृतीय ब्रिटेन के सभी हिस्सों का दौरा करेंगे। इसमें उत्तरी आयरलैंड और वेल्स का भी दौरा होगा।
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महारानी के पार्थिव शरीर को सेंट जाइल्स कैथेड्रल में रखा गया
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का झंडे से लिपटा ताबूत सोमवार को स्कॉटलैंड की राजधानी में कैथेड्रल तक ले जाया गया। इस दौरान महाराज चार्ल्स तृतीय, प्रिंसेस एनी, प्रिंस एंड्रयू और प्रिंस एडवर्ड पीछे चल रहे थे। महारानी के पार्थिव शरीर को एडिनबरा स्थित पैलेस ऑफ होलीरूडहाउस से ले जाया गया। महारानी का ताबूत मंगलवार तक कैथेड्रल में रहेगा, ताकि आम लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकें।
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नई जिम्मेदारियों के साथ मेरा जीवन बदल जाएगा
इससे पहले 10 सितंबर को ताजपोशी के बाद किंग चार्ल्स-III ने लंदन के सेंट जेम्स पैलेस में अपने संबोधन के दौरान कहा, मैं आज आपसे बहुत दुखी मन के साथ बात कर रहा हूं। पूरी जिंदगी महारानी और मेरी प्यारी मां, मेरे तथा मेरे पूरे परिवार के लिए प्रेरणास्रोत और मिसाल रहीं। हम उनके प्यार, लगाव, मार्गदर्शन, समझ और मिसाल बनने के लिए उनके दिल से कर्जदार हैं जैसा कि कोई भी परिवार अपनी मां के लिए होता है। हमें उनके जाने पर गहरा दुख है। मैं आपसे उसी आजीवन सेवा का वादा करता हूं। मैं संकल्प लेता हूं कि जीवनभर निष्ठा, सम्मान और प्यार के साथ आपकी सेवा करने की कोशिश करूंगा। नई जिम्मेदारियों के साथ मेरा जीवन भी बदल जाएगा। मैं दान और उन दूसरे कार्यों को बहुत ज्यादा समय और ऊर्जा नहीं दे सकूंगा। लेकिन, मैं जानता हूं कि ये महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दूसरे भरोसेमंद हाथों में जाएगी। ये मेरे परिवार के लिए भी बदलाव का समय है। मैं अपनी प्यारी पत्नी कैमिला की प्यार भरी मदद पर भरोसा करता हूं।
मेरी प्यारी मां और रानी के निधन की घोषणा करना मेरा दुखद कर्तव्य
चार्ल्स-III ने कहा कि ब्रिटेन के लंदन में सेंट जेम्स पैलेस में परिग्रहण परिषद और प्रधान उद्घोषणा करते हुए किंग चार्ल्स तृतीय ने कहा कि मेरी प्यारी मां और रानी के निधन की घोषणा करना मेरा दुखद कर्तव्य है। मुझे पता है कि हम सभी की अपूरणीय क्षति हुई है और आप इस क्षति में मेरे साथ कितनी गहरी सहानुभूति रखते हैं। इस दौरान किंग चार्ल्स ने घोषणा करते हुए कहा कि उनकी मां एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार वाले दिन ब्रिटेन में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। हालांकि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार की तारीख का एलान अभी नहीं किया गया है। उन्होंने इस मौके पर वो भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि वे अपनी मां को खोने से दुखी हैं, लेकिन वे अपनी मां की तरह देश सेवा करते रहेंगे।
जयशंकर ने किए शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोमवार को भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस के आवास पर महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के लिए शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का पिछले गुरुवार को शाही परिवार के रिट्रीट में शांतिपूर्वक निधन हो गया था।
गणतंत्र देश बनने की कोई योजना नहीं: न्यूजीलैंड पीएम
न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने कहा कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद उनकी सरकार देश को गणतंत्र में बदलने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनका मानना है कि न्यूजीलैंड आखिरकार एक गणतंत्र देश बनेगा और संभवत: यह उनके जीवनकाल में होगा, लेकिन अभी उनकी सरकार के समक्ष और भी अधिक महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।
विश्व के नेताओं के लिए सख्त प्रोटोकॉल
विश्व के नेताओं को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की अंत्येष्टि में सख्त प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। महारानी की अंत्येष्टि 19 सितंबर को लंदन के वेस्टमिंस्टर एबे में की जाएगी। इस बीच विदेश-राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) दस्तावेजों के मुताबिक, राजकीय अंत्येष्टि कार्यक्रम में शामिल होने की योजना बना रहे सभी राष्ट्राध्यक्ष और परिजनों को निजी विमान के बजाय वाणिज्यिक उड़ानों से आने को कहा गया है। साथ ही उनसे हेलीकॉप्टर का उपयोग नहीं करने को भी कहा गया है।