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छह देशों की आपत्ति के बाद संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगांठ के मसौदा घोषणापत्र के एक वाक्य में बदलाव

Sun, 28 Jun 2020 11:37 PM IST
Rajeev Rai वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेनेवा Published by: Rajeev Rai Updated Sun, 28 Jun 2020 11:37 PM IST
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Changes in one sentence of the draft manifesto of the 75th anniversary of the United Nations after six countries objection
संयुक्त राष्ट्र (फाइल फोटो)

भारत समेत छह देशों के विरोध के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष तिजानी मुहम्मद-बंदे ने मसौदा घोषणा में एक वाक्यांश को बदल दिया है। संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर महासभा के अध्यक्ष ने एक मसौदे को जारी किया था, लेकिन मसौदे के एक वाक्य पर भारत, ब्रिटेन, अमेरिका समेत छह देशों की आपत्ति के बाद उसे बदल दिया गया है।

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मुहम्मद-बंदे ने मौन प्रक्रिया के तहत संयुक्त राष्ट्र के सदस्य राज्यों के साथ मसौदा घोषणा साझा किया था, जिसके बाद कहा गया था कि यदि कोई सदस्य राज्य निर्धारित समय अवधि के भीतर मसौदे पर कोई आपत्ति नहीं उठाता है, तो इसे अपना लिया जाएगा।
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संयुक्त राष्ट्र संघ-यूके (यूएनए-यूके) के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन की कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित करने वाली एक धर्मार्थ कंपनी, ब्रिटेन के कार्यवाहक राजदूत जोनाथन एलन ने 24 जून को पांच देशों की तरफ से चुप्पी तोड़ दी और मसौदे एक एक वाक्य पर अपना विरोध जताया।
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कहा गया कि छह देशों ने घोषणा के अंत में लिखे एक वाक्यांश पर आपत्ति जताई है, जिसमें लिखा था- 'एक साझा भविष्य के लिए हमारी साझा दृष्टि का एहसास करने के लिए।' ये सभी देश चाहते थे कि इस वाक्य को 'संयुक्त राष्ट्र चार्टर की प्रस्तावना में बदलकर 'एक बेहतर भविष्य के लिए हमारी साझा दृष्टि को साकार करने' के साथ प्रतिस्थापित किया जाए।

यूएनए-यूके ने एक बयान में कहा कि उसने कई स्रोतों से सुना है कि छह देशों ने इस बात पर आपत्ति जताई है कि 'आम भविष्य के लिए हमारी साझा दृष्टि का एहसास करने के लिए' वाक्यांश चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की अपनी विदेश नीति की आकांक्षाओं का वर्णन करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द से मिलता-जुलता है।'

आपत्ति के बाद, मुहम्मद-बंदे ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य राज्यों को 25 जून को लिखा कि वाक्य को बदलने के लिए फिर से काम करने के लिए कहा। यूएनजीए अध्यक्ष ने वाक्यांश मामले पर कहा, 'हम वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के आम भविष्य के लिए समन्वय और वैश्विक शासन को मजबूत करने के लिए भागीदारों के साथ मिलकर काम करेंगे।


इसके बाद 26 जून की शाम को, मुहम्मद-बंदे ने कहा कि प्रस्तावित नए वाक्यांश पर कोई आपत्ति नहीं है हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें 'अंतिम मसौदा घोषणा के एक विशेष चीज के बारे में सूचना दी गई थी, जिसे प्रक्रिया को समाप्त करने के लिए आगे स्पष्टीकरण की आवश्यकता होगी।'

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