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Carlo Acutis: जानें कौन थे कंप्यूटर जीनियस कार्लो अक्युटिस? जिन्हें संत घोषित करेंगे पोप लियो
Fri, 05 Sep 2025 07:21 PM IST
राहुल कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रोम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रोम
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 05 Sep 2025 07:21 PM IST
सार
रविवार को होने वाले समारोह में कार्लो अक्युटिस को कैथोलिक चर्च का पहला मिलेनियल संत घोषित किया जाएगा। शिकागो स्थित ब्लेस्ड कार्लो अक्युटिस पैरिश का स्कूल इस ऐतिहासिक क्षण की तैयारियों में जुटा हुआ है।
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पोप लियो चौदहवें
- फोटो : ANI
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विस्तार
दुनियाभर के कैथोलिक समुदाय में इन दिनों कार्लो अक्युटिस नाम का किशोर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह कंप्यूटर जीनियस इतालवी किशोर कैथोलिक चर्च का पहला मिलेनियल संत घोषित किया जाने वाला है। कार्लो अक्युटिस महज 15 साल की उम्र में 2006 में दुनिया से चला गए थे।
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रविवार को होने वाले समारोह में कार्लो अक्युटिस को कैथोलिक चर्च का पहला मिलेनियल संत घोषित किया जाएगा। शिकागो स्थित ब्लेस्ड कार्लो अक्युटिस पैरिश का स्कूल इस ऐतिहासिक क्षण की तैयारियों में जुटा हुआ है। यहां पांचवीं कक्षा के छात्र 'डिजिटल डिसाइपल' नामक कॉमिक पढ़ते हैं, जो कार्लो की जीवन-कथा पर आधारित हैं और यहां तक कि कल्पना करते हैं कि उसके मोबाइल का वॉलपेपर कैसा रहा होगा।
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अक्युटिस की लोकप्रियता पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। वेटिकन ने युवा पीढ़ी को एक ऐसा रोल मॉडल देने के लिए विशेष अभियान चलाया, जिसमें अक्युटिस को एक 'डिजिटल युग का संत' के रूप में प्रस्तुत किया गया। तकनीक में निपुण और साधारण परिवार से आने वाला यह किशोर ऑनलाइन माध्यम से ईश्वर की आस्था फैलाने के लिए जाना जाता है।
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शिकागो के ब्लेस्ड कार्लो अक्युटिस पैरिश के पादरी रेवरेन्ड एड होवे ने कहा, वह एक ऐसा संत है जिससे हर युवा खुद को जोड़ सकता है। वह ‘नेक्स्ट डोर सेंट’ है। इस समारोह का महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि यह पोप लियो चौदहवें के कार्यकाल का पहला कैननाइजेशन (संत घोषणा) होगा। इस मौके पर एक अन्य लोकप्रिय इतालवी युवाक, पियर जॉर्जियो फ्रासाती को भी संत घोषित किया जाएगा। बता दें कि यह प्रक्रिया पोप फ्रांसिस ने आगे बढ़ाई थी।
फ्रांसिस का मानना था कि चर्च को युवा पीढ़ी तक पहुंचने और डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने के लिए कार्लो अक्युटिस जैसे प्रतीक की आवश्यकता है। आज अक्युटिस को न केवल धार्मिक श्रद्धालु, बल्कि टेक्नोलॉजी के माध्यम से अच्छाई फैलाने वाले एक आधुनिक संत के रूप में देखा जा रहा है।
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