Canada: मंदिर पर हुए हमले को लेकर कनाडाई पत्रकार का फूटा गुस्सा, कहा- पुलिस ने खालिस्तानियों की मदद की
कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में एक हिंदू मंदिर में कथित तौर पर खालिस्तानियों ने श्रद्धालुओं को निशाना बनाया। इसी घटना को लेकर अब विवाद हो गया है। एक बार फिर भारत-कनाडा के संबंध में तनाव बढ़ गया।
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विस्तार
कनाडा और भारत के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। इस बार हिंदू मंदिर पर हुए हमले को लेकर विवाद छिड़ गया है। कनाडाई पत्रकार डेनियल बोर्डमैन ने प्रशासन के स्थिति से निपटने के तरीके की निंदा करते हुए उन पर खालिस्तानी समूहों के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की आलोचना कर कहा कि वे केवल 'बातें' कर रहे हैं, लेकिन इस दिशा में काम नहीं कर रहे हैं। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि अगर एक और साल तक वे पद पर बने रहे तो स्थिति और भी बदतर होगी। इसके अलावा, उन्होंने पुलिस पर भी निशाना साधा। कहा कि पुलिस की कार्रवाई बहुत ही घृणित थी और उन्होंने खालिस्तानियों की मदद की है।
BREAKING: The RCMP start attacking Hindu worshippers on their own temple grounds in Surrey BC.
Watch as an RCMP officer goes into the crowd to go after Hindu devotees after pushing them back to protect the Khalistanis who came to harass the temple goers on Diwali. Punching Hindus… pic.twitter.com/uugAJun59q— Daniel Bordman (@DanielBordmanOG) November 4, 2024विज्ञापन
यह है मामला
गौरतलब है, कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में एक हिंदू मंदिर में कथित तौर पर खालिस्तानियों ने श्रद्धालुओं को निशाना बनाया गया। रविवार को ये घटना हुई, जब एक समूह ने यहां पूजा पाठ के लिए आए लोगों पर हमला कर दिया था। इस घटना की जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, उसमें हिंदू सभा मंदिर के बाहर कुछ लोगों को लाठी-डंडों से हमला करते हुए देखा जा सकता है। इस घटना ने इलाके में तनाव बढ़ा दिया, जिसके कारण कनाडाई पुलिस को बड़ी संख्या में कर्मियों को तैनात करना पड़ा।
'ट्रूडो केवल बातें कर रहे'
बोर्डमैन ने कहा कि प्रधानमंत्री ट्रूडो केवल बातें कर रहे हैं, लेकिन इस दिशा में काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ट्रूडो के लगभग एक और वर्ष के लिए कार्यालय में होने पर स्थिति केवल बदतर होती जा रही है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई बहुत ही घृणित थी और उन्होंने खालिस्तानियों की मदद की है। हिंदुओं पर हमला किया गया। उन्होंने खालिस्तानियों को नहीं हटाया। खालिस्तानियों ने हिंदुओं पर उनके अपने मंदिर में हमला किया।
घटना को रोका जाना चाहिए था: पत्रकार
बोर्डमैन ने दिन दहाड़े हुए हमले को लेकर कहा कि कनाडा में पहले भी धार्मिक स्थलों जैसे कि सभाओं और चर्चों को निशाना बनाया गया है, लेकिन हाल ही घटना हिंदू भक्तों के खिलाफ हिंसा में चिंताजनक वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने कहा, 'यह इस देश में भक्तों पर पहला दिनदहाड़े हमला है। इस घटना को रोका जाना चाहिए था।'
पत्रकार ने कहा, 'हम कनाडा में यह हर समय देखते हैं, जहां पुलिस यह फैसला लेती है कि वे उन लोगों पर कानून लागू करेंगे, जो इसे सुनने के लिए सबसे अधिक इच्छुक हैं। कनाडा सरकार का कोई भी हिस्सा, इसमें उनका पक्ष नहीं लेता है।'
'उन पर विश्वास करने का कोई कारण नहीं'
उन्होंने हिंदू समुदाय के समर्थन में ठोस कार्रवाई की कमी के लिए प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की आलोचना की। कहा, 'जस्टिन ट्रूडो आधे समय तो बातें करते हैं। कभी-कभी वे खुलेआम आतंकवादियों का समर्थन करते हैं लेकिन कभी-कभी वे बातें करते हैं। लेकिन कभी-कभी वे अपने काम पर अमल नहीं करते। इसलिए जब तक आप उन्हें कार्रवाई करते नहीं देखते, तब तक उन पर विश्वास करने का कोई कारण नहीं है।'
बोर्डमैन ने ट्रूडो की ईमानदारी पर संदेह व्यक्त किया तथा कहा कि प्रधानमंत्री ऐसे हमलों की निंदा करते हुए बयान जारी कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक सार्थक कदम नहीं उठाए हैं। हाल ही में भारत-कनाडा संबंधों में आए तनाव पर बोलते हुए बोर्डमैन ने कहा कि ट्रूडो के कार्यकाल के शेष रहने के मद्देनजर दोनों देशों के बीच संबंध निराशाजनक हैं। उन्होंने कहा कि तनावपूर्ण राजनयिक संबंधों में जल्द सुधार की संभावना नहीं है।