{"_id":"62e55d111cdade2318021870","slug":"canada-supreme-court-says-removing-condom-without-partner-consent-is-crime","type":"story","status":"publish","title_hn":"Canada: संबंध बनाने के दौरान साथी की अनुमति के बिना कंडोम हटाना अपराध, कनाडा की शीर्ष कोर्ट का अहम फैसला","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Canada: संबंध बनाने के दौरान साथी की अनुमति के बिना कंडोम हटाना अपराध, कनाडा की शीर्ष कोर्ट का अहम फैसला
Sat, 30 Jul 2022 10:03 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओटावा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओटावा
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 30 Jul 2022 10:03 PM IST
सार
शारीरिक संबंध बनाते समय अगर आप साथी की अनुमति के बिना चुपके से निरोध निकालते हैं तो ये अपराध की श्रेणी में माना जाएगा। यौन उत्पीड़न के एक मामले में कनाडा के सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा ही फैसला सुनाया है।
विज्ञापन
निरोध
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शारीरिक संबंध बनाते समय अगर आप साथी की अनुमति के बिना चुपके से कंडोम निकालते हैं तो ये अपराध की श्रेणी में माना जाएगा। यौन उत्पीड़न के एक मामले में कनाडा के सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा ही फैसला सुनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला 2017 का है, जिसमें ऑनलाइन माध्यम से मित्रता के बाद एक कपल ने मुलाकात के दौरान शारीरिक संबंध बनाए। दूसरी बार संबंध बनाने के दौरान पुरुष ने महिला को बिना बनाए निरोध को चुपके से निकाल दिया। जब महिला को इसकी जानकारी हुई तो उसने एचआईवी से बचने के लिए दवाएं लीं।
विज्ञापन
जिसके बाद महिला ने इसे लेकर प्रतिवादी रॉस मैकेंजी किर्कपैट्रिक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि, निचली अदालत के न्यायाधीश ने किर्कपैट्रिक के इस तर्क को स्वीकार करते हुए आरोप को खारिज कर दिया कि शिकायतकर्ता महिला ने कंडोम ना पहनने के बावजूद संबंध बनाने के लिए हामी भरी थी।
विज्ञापन
इस मामले में निचली अदालत के फैसले को ब्रिटिश कोलंबिया कोर्ट ऑफ अपील ने पलट दिया। इसने एक नया टेस्ट कराने का आदेश दिया। इस फैसले के खिलाफ किर्कपैट्रिक ने पिछले साल नवंबर में देश की शीर्ष अदालत में अपील की थी। मामले में सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि कंडोम का उपयोग अप्रासंगिक, गौण या आकस्मिक नहीं हो सकता है, खासकर तब जब शिकायतकर्ता ने इसके प्रयोग के लिए अपनी सहमति स्पष्ट रूप से दी हो।
विज्ञापन
इस पर प्रतिवादी के वकील ने कहा कि आपराधिक संहिता की ये नई व्याख्या यौन सहमति के नियमों को काफी हद तक बदल देगी, जिससे यह बाध्यकारी अनुबंध की तरह हो जाएगा जिस पर पहले से हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। इस मामले को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन और स्विटजरलैंड की अदालतों ने लोगों को शारीरिक संबंध बनाने के दौरान निरोध निकालने के अपराध में दोषी ठहराया है।