{"_id":"6a093a2fc785de5d3905bb15","slug":"calm-before-storm-trump-s-warning-sparks-alarm-over-possible-iran-strikes-signals-escalation-in-west-asia-2026-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"US-Iran Tensions: क्या ईरान पर फिर हमले की तैयारी कर रहा अमेरिका? ट्रंप के पोस्ट से पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US-Iran Tensions: क्या ईरान पर फिर हमले की तैयारी कर रहा अमेरिका? ट्रंप के पोस्ट से पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव
Sun, 17 May 2026 09:16 AM IST
Pavan
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Pavan
Updated Sun, 17 May 2026 09:16 AM IST
सार
अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से एक पोस्ट किया गया है, जिससे पश्चिम एशिया एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका तेज हो गई है। पढ़ें, राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या पोस्ट किया और क्या अमेरिका फिर ईरान पर हमले की तैयारी कर रहा है...
विज्ञापन
ट्रंप के पोस्ट से पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में व्याप्त तनाव के बीच एक ऐसा पोस्ट किया है, जिसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक एआई से बनाई गई तस्वीर साझा की, जिसमें वह 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' कैप पहनकर अमेरिकी नौसेना के एक एडमिरल के साथ युद्धपोत पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर में समुद्र में तूफानी मौसम और पीछे ईरानी जहाज भी नजर आ रहे हैं। इसके साथ ट्रंप ने लिखा, 'यह तूफान से पहले की शांति थी'।
ईरान पर फिर हवाई हमले के विकल्प पर चर्चा
ट्रंप के इस संदेश को सीधे तौर पर ईरान के लिए चेतावनी माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ फिर से हवाई हमले शुरू करने के विकल्प पर चर्चा कर रहा है। बताया जा रहा है कि अगर कूटनीतिक बातचीत सफल नहीं होती, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई का रास्ता अपना सकता है। वहीं, एक अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप अपनी ईरान नीति को लेकर बड़ा फैसला लेने की तैयारी में हैं। व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संभावित सैन्य योजनाओं पर चर्चा चल रही है। इससे पहले भी ट्रंप ईरान को चेतावनी दे चुके हैं कि अगर जल्द कोई शांति समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के लिए 'बहुत बुरा समय' आ सकता है।
यह भी पढ़ें- US-Iran Tensions: डोनाल्ड ट्रंप की हत्या पर ₹558 करोड़ का इनाम, ईरानी संसद में पेश किया जाएगा प्रस्ताव
विज्ञापन
'अमेरिका की नीयत पर अब भी भरोसा नहीं'
दूसरी तरफ ईरान भी अपने रुख पर कायम नजर आ रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका की ओर से बातचीत शुरू करने के संकेत मिले हैं, लेकिन तेहरान को अभी भी वॉशिंगटन की नीयत पर भरोसा नहीं है। वहीं ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि ईरान की 14 सूत्रीय शांति योजना के अलावा कोई भी प्रस्ताव बेनतीजा साबित होगा।
होर्मुज बना पश्चिम एशिया में तनाव का केंद्र
पश्चिम एशिया में तनाव का सबसे बड़ा केंद्र फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक तेल सप्लाई गुजरती है। ईरान ने यहां शिपिंग कंट्रोल के लिए नया प्रस्ताव भी दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि कुछ समुद्री रास्तों को सीमित किया जा सकता है, जबकि ईरान के साथ सहयोग करने वाले व्यावसायिक जहाजों को नियंत्रित तरीके से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।
यह भी पढ़ें- Colombia: राष्ट्रपति चुनाव से पहले कोलंबिया में हिंसा, पूर्व मेयर और उनके सहयोगी की गोली मारकर हत्या
युद्धविराम के बावजूद हालात बेहद नाजुक
हालांकि पिछले महीने युद्धविराम की घोषणा हुई थी, लेकिन हालात अभी भी बेहद नाजुक बने हुए हैं। अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी नौसैनिक मौजूदगी मजबूत कर रखी है। ऐसे में ट्रंप के नए बयान और सैन्य कार्रवाई की अटकलों ने पश्चिम एशिया में एक बड़े टकराव की आशंका को फिर बढ़ा दिया है।
विज्ञापन
ईरान पर फिर हवाई हमले के विकल्प पर चर्चा
ट्रंप के इस संदेश को सीधे तौर पर ईरान के लिए चेतावनी माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ फिर से हवाई हमले शुरू करने के विकल्प पर चर्चा कर रहा है। बताया जा रहा है कि अगर कूटनीतिक बातचीत सफल नहीं होती, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई का रास्ता अपना सकता है। वहीं, एक अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप अपनी ईरान नीति को लेकर बड़ा फैसला लेने की तैयारी में हैं। व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संभावित सैन्य योजनाओं पर चर्चा चल रही है। इससे पहले भी ट्रंप ईरान को चेतावनी दे चुके हैं कि अगर जल्द कोई शांति समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के लिए 'बहुत बुरा समय' आ सकता है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- US-Iran Tensions: डोनाल्ड ट्रंप की हत्या पर ₹558 करोड़ का इनाम, ईरानी संसद में पेश किया जाएगा प्रस्ताव
विज्ञापन
'अमेरिका की नीयत पर अब भी भरोसा नहीं'
दूसरी तरफ ईरान भी अपने रुख पर कायम नजर आ रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका की ओर से बातचीत शुरू करने के संकेत मिले हैं, लेकिन तेहरान को अभी भी वॉशिंगटन की नीयत पर भरोसा नहीं है। वहीं ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि ईरान की 14 सूत्रीय शांति योजना के अलावा कोई भी प्रस्ताव बेनतीजा साबित होगा।
होर्मुज बना पश्चिम एशिया में तनाव का केंद्र
पश्चिम एशिया में तनाव का सबसे बड़ा केंद्र फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक तेल सप्लाई गुजरती है। ईरान ने यहां शिपिंग कंट्रोल के लिए नया प्रस्ताव भी दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि कुछ समुद्री रास्तों को सीमित किया जा सकता है, जबकि ईरान के साथ सहयोग करने वाले व्यावसायिक जहाजों को नियंत्रित तरीके से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।
यह भी पढ़ें- Colombia: राष्ट्रपति चुनाव से पहले कोलंबिया में हिंसा, पूर्व मेयर और उनके सहयोगी की गोली मारकर हत्या
युद्धविराम के बावजूद हालात बेहद नाजुक
हालांकि पिछले महीने युद्धविराम की घोषणा हुई थी, लेकिन हालात अभी भी बेहद नाजुक बने हुए हैं। अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी नौसैनिक मौजूदगी मजबूत कर रखी है। ऐसे में ट्रंप के नए बयान और सैन्य कार्रवाई की अटकलों ने पश्चिम एशिया में एक बड़े टकराव की आशंका को फिर बढ़ा दिया है।