Sanjay Bhandari: कारोबारी भंडारी की प्रत्यर्पण अपील यूके उच्च न्यायालय में शुरू, नए साल तक फैसला आने की उम्मीद
संजय भंडारी ने इस साल की शुरुआत में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा नवंबर 2022 में उनके प्रत्यर्पण को मंजूरी देने के फैसले के खिलाफ अपील करने की अनुमति प्राप्त की थी। उनके वकीलों ने इस मामले में अपनी दलीलें देना शुरू कर दीं, जो इस सप्ताह तीन दिन की सुनवाई के लिए निर्धारित है। नए साल तक इस पर फैसला आने की उम्मीद है।
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संजय भंडारी को ब्रिटेन से प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने की अनुमति मिलने के बाद मंगलवार को उन्होंने लंदन में उच्च न्यायालय में अपने प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ अपील शुरू की। 62 वर्षीय भंडारी ने इस साल की शुरुआत में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा नवंबर 2022 में उनके प्रत्यर्पण को मंजूरी देने के फैसले के खिलाफ अपील करने की अनुमति प्राप्त की थी। उनके वकीलों ने इस मामले में अपनी दलीलें देना शुरू कर दीं, जो इस सप्ताह तीन दिन की सुनवाई के लिए निर्धारित है। नए साल तक इस पर फैसला आने की उम्मीद है।
कथित कर चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में घिरे भंडारी भारत में रक्षा क्षेत्र के सलाहकार के रूप में चर्चित रहे। आर्थिक अपराध में वांछित भंडारी को भारत प्रत्यर्पित करने को लेकर ब्रिटेन की तत्कालीन विदेश मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने नवंबर 2022 में सहमति दी थी। इससे पहले वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश के बाद भंडारी को प्रत्यर्पित करने का रास्ता साफ हुआ था।
भंडारी पर आरोप है कि उसने भारत में टैक्स चुराने के लिए विदेशी संपत्तियों को छिपाया, गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और अधिकारियों को गलत सूचना दी। वहीं, भंडारी इन आरोपों से इनकार करता है और जून 2020 से अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है।
न्यायधीशों ने तीन मुख्य आधारों पर शुरू की सुनवाई
अपील के दौरान, लॉर्ड जस्टिस टिमोथी होलरॉयड और जस्टिस करेन स्टेन ने तीन मुख्य आधारों पर रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस में सुनवाई शुरू की। इन आधारों में- क्या इंग्लैंड में आपराधिक मामले के लिए सभी नियमों का पालन किया गया था, क्या भंडारी के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, और क्या उसे भारतीय जेल में हिंसा का खतरा है, शामिल हैं।
भारतीय अधिकारियों की ओर से सीपीएस देगी दलीलों का जवाब
भारतीय अधिकारियों की ओर से पेश क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) सुनवाई के दौरान दलीलों का जवाब देगी, जिसका प्रतिनिधित्व बैरिस्टर बने कीथ और एलेक्स डू सॉटॉय करेंगे। मंगलवार को, उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भारत से संबंधित कार्यवाही की अनुमति देने के लिए वीडियो लिंक तैयार करने की अनुमति मांगी।
तिहाड़ जेल में हिंसा और जबरन वसूली का खतरा बताया
भंडारी के वकील फिट्जगेराल्ड ने दिल्ली की तिहाड़ जेल के बारे में बताते हुए दावा किया कि प्रत्यर्पित किए जाने पर वहां उन्हें 'हिंसा और जबरन वसूली' का खतरा हो सकता है।
भंडारी के खिलाफ ईडी की जांच, 2020 में पहली चार्जशीट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भंडारी 2016 में ब्रिटेन भाग गया था। अघोषित संपत्ति रखने से जुड़े मामले में एक विशेष पीएमएलए अदालत ने भंडारी को अपराधी घोषित किया है। ब्रिटेन ने ईडी और सीबीआई के अनुरोध पर भंडारी के प्रत्यर्पण का आदेश पारित किया था। इससे पहले नवंबर, 2023 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संजय भंडारी के खिलाफ नया आरोप पत्र दायर किया था। भंडारी के खिलाफ पहली चार्जशीट ईडी ने 2020 में दायर की थी।
राबर्ट वाड्रा का करीब कहा जाता है संजय
मनी लान्ड्रिंग के मामले में भगोड़ा घोषित संजय भंडारी को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति राबर्ट वाड्रा का करीबी कहा जाता है। वाड्रा के खिलाफ लंदन में भंडारी से बहुत सस्ते दाम पर बंगला खरीदने की जांच भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है। हालांकि वाड्रा उसके साथ कोई भी व्यापारिक संबंध होने से इनकार करते रहे हैं।