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Hindi News ›   World ›   British Prime Minister Keir Starmer appointed Indian origin MP Lisa Nandy Culture Secretary

UK: भारतवंशी सांसद लिसा नंदी संस्कृति सचिव नियुक्त, चुनाव में विगन से भारी बहुमत से जीतीं

Sat, 06 Jul 2024 01:25 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 06 Jul 2024 01:25 AM IST
सार

भारतवंशी सांसद लिसा नंदी को ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपना नया संस्कृति सचिव नियुक्त किया है। नंदी अब लुसी फ्रेजर से संस्कृति मंत्रालय का कार्यभार संभालेंगी। लीसा कोलकाता में जन्मे दीपक नंदी की बेटी हैं। 
 

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British Prime Minister Keir Starmer appointed Indian origin MP Lisa Nandy Culture Secretary
लिसा नंदी - फोटो : फेसबुक @LisaNandyMP

विस्तार

 ब्रिटेन के नवनियुक्त प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने शुक्रवार को भारतवंशी सांसद लिसा नंदी को संस्कृति, मीडिया और खेल राज्य का नया सचिव नियुक्त किया। आम चुनाव में लेबर पार्टी ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की है। वहीं, नंदी ने उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड के विगन से भारी बहुमत से विजय प्राप्त की। 

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44 वर्षीय राजनेता नंदी अब लुसी फ्रेजर से संस्कृति मंत्रालय का कार्यभार संभालेंगी, जो ऋषि सुनक के नेतृत्व वाले कंजर्वेटिवों के लिए विनाशकारी चुनाव में अपनी सीटें हारने वाले टोरी मंत्रियों में से एक थीं। जीत के बाद नंदी ने अपने ग्रेटर मैनचेस्टर निर्वाचन क्षेत्र में स्वीकृति भाषण के दौरान मतदाताओं का धन्यवाद किया। इस दक्षिणपंथी रिफॉर्म यूके उम्मीदवार को हराने के बाद नंदी ने कहा, मैं उन लोगों से कहना चाहती हूं, जो हमारे शहर में अपनी घृणित, नस्लवादी राजनीति लेकर आए हैं, विगन का इतिहास श्रमिक वर्ग के लोगों का है, जिन्होंने 100 वर्षों तक आपको और आपकी नफरत को हमारे शहर से बार-बार बाहर निकाला है।
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कोलकाता में जन्मे अकादमिक दीपक नंदी की बेटी और ब्रिटिश मां ने अतीत में लेबर पार्टी के सम्मेलनों के दौरान अपनी भारतीय विरासत के बारे में बात की है। उनके पिता ब्रिटेन में नस्ल संबंधों के क्षेत्र में अपने काम के लिए जाने जाते थे। नंदी ने कहा, दोस्तों, हम आज एक ऐसे शहर में मिल रहे हैं जो आप्रवासन की लहरों से बने एक द्वीप से समुद्र की ओर देखता है। उन्होंने कहा, मेरे पिता 50 के दशक में भारत से यहां आए थे और नस्ल संबंधी अधिनियम बनाने के संघर्ष के माध्यम से हमारी राष्ट्रीय कहानी बनाने में मदद की।
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इस दौरान नंदी ने महात्मा गांधी के नेतृत्व वाले भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन पर विचार किया। याद करते हुए कहा कि एक सदी पहले मेरे परिवार की जड़ें एक साथ पिरोई गई थीं। जब कपास आना बंद हो गया था और मिलें चलना बंद हो गई थीं। मजदूर भूखे रह गए थे। मेरे परिवार के सदस्य उन मिलों में काम करते थे। लंकाशायर में गांधी का स्वागत करने वालों में से थे। जैसा कि पहली मिश्रित नस्ल की महिला के रूप में मैं जानती हूं एकजुटता में ताकत होती है। हमारा संघर्ष एक ही है।

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