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Britain: आव्रजन संख्या को कम करने के लिए ब्रिटेन सरकार ने लिए नए फैसले, प्रधानमंत्री सुनक ने कही यह बात

Tue, 05 Dec 2023 01:39 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: जलज मिश्रा Updated Tue, 05 Dec 2023 01:39 AM IST
सार

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने बताया कि आव्रजन दर को कम करने की पॉलिसी कड़ी कार्रवाई है। आप्रवासन नीति से ब्रिटेन को लाभ होगा। पीएम सुनक ने ट्वीट कर कहा कि हमारे देश में आव्रजन बहुत अधिक है। इसे कम करने के लिए हम कट्टरपंथी कार्रवाई कर रहे हैं।

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British government took new decisions to reduce immigration Prime Minister Rishi Sunak
Rishi Sunak - फोटो : Social Media

विस्तार

ब्रिटेन ने आव्रजन संख्या को कम करने के लिए नए नियमों की घोषणा की है। इस घोषणा से भारत समेत सैकड़ों देशों पर असर पड़ेगा। ब्रिटेन सरकार ने विदेशी श्रमिकों के बहुत अधिक वेतन पर रोक लगा दी है। यूके के प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि अब अंतरराष्ट्रीय छात्र अपने परिजनों को यहां अपने साथ नहीं ला सकते हैं।

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यह है नए फैसले
ब्रिटेन के गृह सचिव जेम्स क्लेवरली ने हाउस ऑफ कॉमन्स को बताया कि नए नियमों के तहत स्वास्थ्य वीजा पर ब्रिटेन आने वाले डॉक्टर अब अपने परिवार के किसी भी सदस्य को अपने साथ नहीं ला सकते हैं। इसके अलावा, कुशल श्रमिक वीजा पॉलिस के तहत आवेदकों के लिए वर्तमान सीमा जीबीपी 26,200 को बढ़ाकर जीबीपी 38,700 कर दिया गया है। वहीं, पारिवारिक वीजा श्रेणी के तहत आवेदन करने वालों को जीबीपी 18,600 है। आव्रजन नीति निष्पक्ष, सुसंगत, कानूनी और टिकाऊ होनी चाहिए। उन्होंने आगे बताया कि छात्रों के आश्रितों पर रोक लगाने के कारण 3,00,000 कम लोग ब्रिटेन आएंगे।

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ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने बताया कि आव्रजन दर को कम करने की पॉलिसी कड़ी कार्रवाई है। आप्रवासन नीति से ब्रिटेन को लाभ होगा। पीएम सुनक ने ट्वीट कर कहा कि हमारे देश में आव्रजन बहुत अधिक है। इसे कम करने के लिए हम कट्टरपंथी कार्रवाई कर रहे हैं। हम सुनिश्चित करेंगे कि इससे देश को फायदा हो। आव्रजन के कारण ब्रिटेन सरकार पर दबाव बढ़ गया है, यह मुद्दा अब राजनीतिक बन चुका है।

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ब्रिटेन के वीजा आवेदकों में सबसे अधिक भारतीय
ब्रिटिश अधिकारियों के अनुसार, ब्रिटेन में दूसरे देशों से आने वाले डॉक्टर, पेशेवरों, कुशल श्रमिकों और विदेशी छात्रों में सबसे अधिक दबदबा भारत का है। स्वास्थ्य वीजा के लिए भारतीय आवेदकों की संख्या में 76 फीसदी की बढ़त हुई है। कुशल श्रमिकों की संख्या में 11 प्रतिशत की मामूली गिरावट हुई है। छात्र वीजा के आवेदकों में 43 फीसदी भारतीय हैं।

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