G-7: रूस को सबक सिखाने की तैयारी में ब्रिटेन, यूक्रेन का हमदर्द बन हीरों के आयात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की सोमवार को रूस के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिए नए हथियार हासिल करने के लक्ष्य से यूरोपीय देशों के दौरे पर गए थे। इस दौरान ब्रिटेन ने यूक्रेन को लंबी दूरी के हमले वाले ड्रोन देने का वादा किया।
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रूस-यूक्रेन युद्ध को एक साल से अधिक समय से हो गया है। युद्ध को रोकने के लिए कई देशों ने रूस पर कड़ी पाबंदियां भी लगाईं, लेकिन कोई असर नहीं पड़ा। अब यूक्रेन का हमदर्द ब्रिटेन भी बन गया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने यूक्रेन के समर्थन में रूस के हीरे सहित कई सामानों के आयात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है।
आइए जानते हैं कि ब्रिटेन और किन सामान के आयातों पर लगाएगा रोक-
सुनक ने रूस की हीरे, तांबे, एल्यूमीनियम समेत कई धातुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर ली है। इतना ही नहीं, ब्रिटेन के निशाने पर ऊर्जा, धातु और शिपिंग उद्योगों से जुड़े लोगों के अलावा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मिलिट्री इंडस्ट्रियल एरिया से अतिरिक्त 86 लोग और कंपनियां भी हैं।
जी-7 भागीदारों के साथ काम करने की कोशिश
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का कहना है कि उनमें मौजूदा प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने के लिए क्रेमलिन का समर्थन करने वाले लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन जी-7 भागीदारों के साथ सभी प्रकार के प्रतिबंधों से निपटने के लिए काम कर रहा है।
ब्रिटेन ने यूक्रेन से किया था वादा
गौरतलब है, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की सोमवार को रूस के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के लिए नए हथियार हासिल करने के लक्ष्य से यूरोपीय देशों के दौरे पर गए थे। इस कड़ी में जेलेंस्की ब्रिटेन पहुंचे थे। इस दौरान उनकी सुनक से मुलाकात हुई। ब्रिटेन ने यूक्रेन को लंबी दूरी के हमले वाले ड्रोन देने का वादा किया।
जी-7 में ये देश शामिल
बता दें कि जापान, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा और इटली के नेताओं ने आज यानी 19 मई को हिरोशिमा में अपने ग्रुप ऑफ सेवन (जी-7) शिखर सम्मेलन की शुरुआत की। कहा जा रहा है कि जी-7 देश शिखर सम्मेलन में रूस पर कड़े प्रतिबंधों की घोषणा कर सकता है।
अमेरिका भी करेगा मदद
रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन की मदद के लिए ब्रिटेन के साथ ही अमेरिका ने भी हाथ बढ़ाने का निर्णय लिया है। जी-7 में रूस के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए अमेरिका तैयार है। उसके एक अधिकारी का कहना है कि वह पहले भी रूस पर कई कार्रवाई कर चुके हैं। अब अमेरिका रूस की लगभग 70 कंपनियों और संगठनों को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी कर रहा है।