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जरूरत: ब्रिक्स ने की सुरक्षा परिषद सहित यूएन में व्यापक सुधार की वकालत; विकासशील देशों के प्रतिनिधित्व पर जोर

Thu, 21 Sep 2023 11:05 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 21 Sep 2023 11:05 PM IST
सार

इस बैठक में समूह ने हर तरह से आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्धता जताई। बता दें कि इस बैठक में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर शामिल नहीं हुए थे। उनकी जगह विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। 

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BRICS advocate comprehensive UN reform and multilateral cooperation
ब्रिक्स - फोटो : SOCIAL MEDIA

विस्तार

ब्रिक्स देशों ने सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधार की वकालत की है। ब्रिक्स ने कहा कि वैश्विक निकाय  में सुधार किया जाना चाहिए ताकि इसे अधिक लोकतांत्रिक, प्रतिनिधित्वपूर्ण, प्रभावी और कुशल बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसा करके वैश्विक निकाय अपनी प्रतिबद्धता पूरी करेगा। इसके साथ ही ब्रिक्स देशों ने भारत की जी20 अध्यक्षता में नई दिल्ली में 18वें जी20 शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी की सराहना की और जी20 के स्थायी सदस्य के रूप में अफ्रीकी संघ का स्वागत किया।

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आतंकवाद का मुकाबले के लिए जताई प्रतिबद्धता 
पांच देशों वाले इस समूह ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के चल रहे 78वें सत्र से इतर बुधवार को आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की वार्षिक बैठक में ये बात कही। साथ ही इस बैठक में समूह ने हर तरह से आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्धता जताई। बता दें कि इस बैठक में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर शामिल नहीं हुए थे। उनकी जगह विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। 
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सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र के व्यापक सुधार का समर्थन 
बैठक के दौरान समूह ने बहुपक्षवाद को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय कानून को बनाए रखने के लिए भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इसके अलावा ब्रिक्स देशों ने सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र के व्यापक सुधार का समर्थन किया। ताकि इसे अधिक लोकतांत्रिक, प्रतिनिधि प्रभावी और कुशल बनाया जा सके। समूह ने साझा बयान में कहा कि वैश्विक निकाय में विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाना चाहिए।  '
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साथ ही समूह ने सभी देशों को समानता और पारस्परिक सम्मान के सिद्धांतों के तहत मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा करने में सहयोग करने की आवश्यकता भी दोहराई। इसने 2030 एजेंडा को लागू करने के लिए आवश्यक साधन जुटाकर संतुलित और एकीकृत तरीके से अपने तीन आयामों आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय में सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा को लागू करने का आह्वान किया।

 
ब्रिक्स समूह की विशेषताएं
ब्रिक्स पांच उभरती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का समूह है। इसकी चर्चा वर्ष 2001 में गोल्डमैन सैश के अर्थशास्री जिम ओ नील द्वारा ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन की अर्थव्यवस्थाओं के लिए विकास की संभावनाओं पर एक रिपोर्ट में की गई थी। 
खास बातें

  • ब्रिक्स देशों की जनसंख्या दुनिया की आबादी का लगभग 40% है
  • ब्रिक्स देशों का वैश्विक घरेलू उत्पाद में हिस्सा लगभग 30% है।
  • ब्रिक्स को महत्त्वपूर्ण आर्थिक इंजन के रूप में देखा जाता है 
  • ब्रिक्स एक उभरता हुआ निवेश बाजार और वैश्विक शक्ति है।
  • दुनिया की तीन बड़ी अर्थव्यवस्था चीन, भारत और रूस  इसका हिस्सा हैं।
  • ब्राजील लेटिन अमेरिका का अहम देश है, जो ब्रिक्स का हिस्सा है।
  • साऊथ अफ्रीका, अफ्रीका कॉन्टिनेंट का एक बड़ा देश है, जो ब्रिक्स में शामिल है।
  • कोई भी पश्चिमी देश इस समूह का हिस्सा नहीं है।
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