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इंडोनेशिया: एक ब्रेकअप की चर्चा में डूबा देश, सदमे में लोग
Sun, 28 Mar 2021 05:07 PM IST
गौरव पाण्डेय
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, जकार्ता
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, जकार्ता
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 28 Mar 2021 05:07 PM IST
सार
इंडोनेशिया की राष्ट्रीय चर्चा इन दिनों एक ब्रेकअप है। कहा जाता है कि इंडोनेशियाई वैसे भी गॉसिप में बड़ी रुचि लेते हैं। और जब बात राष्ट्रपति के बेटे के ब्रेकअप की आई है, तो जैसा सारा देश इसी चर्चा में डूब गया है।
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- फोटो : Social Media
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विस्तार
राष्ट्रपति जोको विडोडो के सबसे छोटे बेटे केसांग पांगारेव की पांच साल से गर्लफ्रेंड सिंगापुर की फेलिसिया चिउ से संबंध टूट गया है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर गॉसिप और अफवाहों की जैसे आंधी आ गई है। फेलिसिया के परिवार ने भी इस चर्चा को बढ़ावा देने के लिए पूरे मसाले मुहैया कराए हैं।
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केसांग का फेलिसिया से रिश्ता उस दौर में जुड़ा था, जब दोनों सिंगापुर यूनिवर्सिटी ऑफ सोशल साइंसेज में छात्र थे। केसांग अब इंडोनेशिया लौट कर कई कंपनियों के सीईओ हैं। फेलिसिया की मां मिलिया लाउ ने आरोप लगाया है कि केसांग ने उनकी बेटी को छोड़ कर अब अपनी कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी के साथ प्रेम संबंध बना लिया है। लाउ के मुताबिक उनके पास इस बात के सबूत हैं कि केसांग ने उनकी बेटी से शादी करने की बात कही थी। दोनों ने योजना बनाई थी कि वे दिसंबर 2020 में विवाह कर लेंगे। लेकिन जनवरी में केसांग ने फेलिसिया से कह दिया कि उन दोनों का रिश्ता अब खत्म हो गया है। मार्च में लाउ के बयान से ये मुद्दा चर्चित हुआ।
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अब ये मुद्दा यहां राष्ट्रीय चर्चाओं में छाया हुआ है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि इंडोनेशिया में इसके पहले कभी किसी राष्ट्रपति के परिवार के सदस्य की निजी जिंदगी पर इतनी नुक्ताचीनी नहीं की गई। इन चर्चाओं में इस बात पर खूब जोर दिया गया है कि केसांग मुस्लिम और फेलिसिया चीनी मूल की ईसाई हैं। ये रिश्ता अपने अंतर-धर्मीय स्वरूप के कारण पहले से चर्चित था। इसकी वजह यह है कि इंडोनेशिया में ऐसे संबंध आज भी इक्के-दुक्के ही बनते हैँ।
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राष्ट्रपति विडोडो ने अपने बेटे के एक ईसाई से रिश्ते पर कभी नकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दिखाई थी। 2014 में राष्ट्रपति बनने के बाद से वे देश में राष्ट्रीय एकता पर जोर देते रहे हैं। 27 करोड़ आबादी वाले इंडोनेशिया में कई धर्मों को मानने वाले लोग रहते हैँ। केसांग और फेलिसिया के रिश्ते को देश में अंतर-धर्मीय मेलजोल का प्रतीक समझा जा रहा था। इस पर यहां के अखबारों में लेख भी लिखे गए थे। एक लेख- ‘प्यार जिसने सीमाओं को तोड़ दिया’ शीर्षक से छपा था। इंडोनेशिया में देशभक्ति और बहुलवाद को प्रोत्साहित करने वाले संगठन गणस्पति की अध्यक्ष रत्या मार्दिका ताता कोएसोएमा ने हांगकांग के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से कहा कि केसांग और फेलिसिया के रिश्ते की सबसे खास बात ही उसका अंतर-धर्मीय और अंतर-नस्लीय स्वरूप था।
विश्लेषकों ने ध्यान दिलाया है कि इंडोनेशियाई मुस्लिम किसी गैर मुस्लिम चाइनीज मूल की महिला से प्रेम संबंध बनाएं, यह आज भी दुर्लभ ही है। इस मामले में एक ऐसा हाई प्रोफाइल संबंध बना था। इसलिए इन दोनों के फोटो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किए जाते थे। ये जोड़ा विभिन्नता और अल्पसंख्यक समुदायों की उम्मीदों का प्रतीक बन गया था। इस उनके ब्रेकअप की खबर ने बहुत से लोगों को झकझोर कर रख दिया है। इस दौरान हो रही चर्चा में ध्यान दिलाया गया है कि पिछली जनगणना के मुताबिक सिर्फ एक फीसदी इंडोनेशियाई मुसलमानों ने अपने धर्म से हट कर किसी और धर्मावलंबी से विवाह किया था। इंडोनेशिया में अंतर-धर्मीय विवाहों को कानूनी मान्यता है, लेकिन ऐसा अक्सर होता नहीं है।
अब राष्ट्रपति के बेटे का संबंध टूटने से अंतर-धर्मीय संबंधों को बढ़ावा मिलने की उम्मीदें भी टूटी हैं। खासकर जिस कड़वाहट के साथ ये रिश्ता टूटा है, उससे लोगों को धक्का लगा है। फेलिसिया की मां ने जो बयान दिया, उसमें उन्होंने राष्ट्रपति विडोडो के लिए भी कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। ये बात बहुत से इंडोनेशियाइयों को नागवार गुजरी है।