{"_id":"63bb8733a0ea430b01563ef0","slug":"brazil-ex-president-jair-bolsonaro-responds-on-invasion-of-congress-supreme-court-by-his-supporters-news-in-hi","type":"story","status":"publish","title_hn":"Brazil: समर्थकों के संसद-सुप्रीम कोर्ट में घुसने पर आया बोलसोनारो का बयान, हिंसा भड़काने के आरोप नकारे","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Brazil: समर्थकों के संसद-सुप्रीम कोर्ट में घुसने पर आया बोलसोनारो का बयान, हिंसा भड़काने के आरोप नकारे
Mon, 09 Jan 2023 09:06 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसीलिया
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसीलिया
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 09 Jan 2023 09:06 AM IST
सार
बोलसोनारो ने सरकारी इमारतों पर हमले के लिए समर्थकों को भड़काने के ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनेकियो लूला डीसिल्वा के आरोपों को भी खारिज कर दिया।
विज्ञापन
ब्राजील में हुए हंगामे के बीच आया पूर्व राष्ट्रपति बोलसोनारो का बयान।
- फोटो : Social Media
विस्तार
ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के समर्थक रविवार को उत्पात मचाते हुए संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में घुस गए और परिसर में कब्जा करने की कोशिश करने लगे। यहां काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए उपद्रवियों को सरकारी इमारतों से बाहर किया। इस घटना को लेकर जहां ब्राजील में बोलसोनारो पर लोकतंत्र को ध्वस्त करने के आरोप लग रहे हैं, वहीं पूर्व राष्ट्रपति ने इस पूरे उपद्रव से खुद को अलग करते हुए समर्थकों की इस हरकत की निंदा की है। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को भी निराधार करार दिया है।
बोलसोनारो ने सरकारी इमारतों पर हमले के लिए समर्थकों को भड़काने के ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के आरोपों को भी खारिज कर दिया। पूर्व राष्ट्रपति ने ट्वीट में लिखा, "मैं अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करता हूं, जो कि ब्राजील के मौजूदा प्रमुख ने मेरे ऊपर बिना किसी सबूत के लगा दिए हैं।" गौरतलब है कि बोलसोनारो को ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में पिछले महीने ही हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वे अमेरिका के फ्लोरिडा चले गए थे।
अपने ट्वीट में उन्होंने कहा, "कानून के दायरे में शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा हैं। हालांकि, सरकारी इमारतों में घुसपैठ और कब्जे की कोशिश, जैसा की आज, 2013 और 2017 में लेफ्ट सरकार के राज में हुआ, वह कानून का उल्लंघन है।" उन्होंने कहा, "मेरे शासन में मैंने हमेशा संविधान की चार रेखाओं के अंतर्गत ही काम किया है। यह रेखाएं थीं- कानून का सम्मान और उनका बचाव, लोकतंत्र, पारदर्शिता और हमारी पवित्र आजादी।"
विज्ञापन
संसद-राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में घुसे प्रदर्शनकारी
गौरतलब है कि रविवार को लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के विरोध में प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ते हुए कांग्रेस (संसद भवन), राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में घुस गए। इन प्रदर्शनकारियों ने हरे और पीले झंडे के कपड़े पहने थे। इनमें से एक समूह के लोग सदन अध्यक्ष की कुर्सी पर चढ़ गए और वहां उसके आसपास जमा हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि प्रदर्शनकारी स्पीकर के डायस पर चढ़कर माइक से छेड़छाड़ कर रहे हैं। एक वीडियो में बाहर भीड़ को एक पुलिसकर्मी को उसके घोड़े से खींचकर जमीन पर गिराते हुए दिखाया गया है।
प्रदर्शनकारियों से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें दंगाइयों को कांग्रेस भवन में प्रवेश करते के साथ दरवाजे और खिड़कियां तोड़ते हुए दिखाया जा रहा। वीडियों में दिख रहा है वह एक साथ अंदर आते हैं और सांसदों के कार्यालयों को तोड़ते हैं। साथ ही उन्होंने एक बैनर को फहराने की कोशिश की।
विज्ञापन
बोलसोनारो ने सरकारी इमारतों पर हमले के लिए समर्थकों को भड़काने के ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के आरोपों को भी खारिज कर दिया। पूर्व राष्ट्रपति ने ट्वीट में लिखा, "मैं अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करता हूं, जो कि ब्राजील के मौजूदा प्रमुख ने मेरे ऊपर बिना किसी सबूत के लगा दिए हैं।" गौरतलब है कि बोलसोनारो को ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में पिछले महीने ही हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वे अमेरिका के फ्लोरिडा चले गए थे।
विज्ञापन
अपने ट्वीट में उन्होंने कहा, "कानून के दायरे में शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा हैं। हालांकि, सरकारी इमारतों में घुसपैठ और कब्जे की कोशिश, जैसा की आज, 2013 और 2017 में लेफ्ट सरकार के राज में हुआ, वह कानून का उल्लंघन है।" उन्होंने कहा, "मेरे शासन में मैंने हमेशा संविधान की चार रेखाओं के अंतर्गत ही काम किया है। यह रेखाएं थीं- कानून का सम्मान और उनका बचाव, लोकतंत्र, पारदर्शिता और हमारी पवित्र आजादी।"
विज्ञापन
संसद-राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में घुसे प्रदर्शनकारी
गौरतलब है कि रविवार को लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के विरोध में प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ते हुए कांग्रेस (संसद भवन), राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में घुस गए। इन प्रदर्शनकारियों ने हरे और पीले झंडे के कपड़े पहने थे। इनमें से एक समूह के लोग सदन अध्यक्ष की कुर्सी पर चढ़ गए और वहां उसके आसपास जमा हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि प्रदर्शनकारी स्पीकर के डायस पर चढ़कर माइक से छेड़छाड़ कर रहे हैं। एक वीडियो में बाहर भीड़ को एक पुलिसकर्मी को उसके घोड़े से खींचकर जमीन पर गिराते हुए दिखाया गया है।
प्रदर्शनकारियों से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें दंगाइयों को कांग्रेस भवन में प्रवेश करते के साथ दरवाजे और खिड़कियां तोड़ते हुए दिखाया जा रहा। वीडियों में दिख रहा है वह एक साथ अंदर आते हैं और सांसदों के कार्यालयों को तोड़ते हैं। साथ ही उन्होंने एक बैनर को फहराने की कोशिश की।