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Boris Johnson: बोरिस जॉनसन की कुर्सी पर खतरा, अगर इस्तीफा दिया तो ये होंगे पीएम पद के दावेदार, ऋषि सुनक सबसे आगे
Wed, 06 Jul 2022 06:06 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 06 Jul 2022 06:06 PM IST
सार
कोरोना के दौर में पार्टी करने वाले जॉनसन को पिछले महीने अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा था। अब चर्चा इस बात की हो रही है कि जॉनसन इस्तीफा देते हैं तो कौन नया पीएम बनेगा।
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Rishi Sunak
- फोटो : rishisunak.com
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विस्तार
ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक और स्वास्थ्य सचिव साजिद जाविद ने मंगलवार देर रात जॉनसन सरकार से इस्तीफा दे दिया। दोनों मंत्रियों ने जॉनसन की काबिलियत और सरकार के काम करने के तरीकों पर गंभीर सवाल उठाते हुए पद छोड़ा। सुनक और साजिद के बाद बुधवार को बाल एवं परिवार मंत्री विल क्विंस और पार्लियामेंट प्राइवेट सेक्रेटरी लॉरा ट्रॉट ने भी इस्तीफा दे दिया। इन इस्तीफों के बाद पहले से ही संकटों में घिरे प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन पर कुर्सी छोड़ने का दबाव बढ़ गया है।
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कोरोना के दौर में पार्टी करने वाले जॉनसन को पिछले महीने अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा था। अब चर्चा इस बात की हो रही है कि अगर जॉनसन इस्तीफा देते हैं तो कंजर्वेटिव पार्टी अगला प्रधानमंत्री किसे बनाएगी। इस दौड़ में 6 नाम हैं। सबसे आगे भारतीय मूल के ऋषि सुनक माने जा रहे हैं। आइए इन सभी के बारे में जानते हैं।
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ऋषि सुनक - पूर्व वित्त मंत्री
जॉनसन के चुनावी अभियान में ऋषि सुनक का अहम रोल रहा था। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ज्यादातर वही नजर आते रहे थे। कई बर टीवी डिबेट में बोरिस की जगह पर ऋषि ने हिस्सा लिया। उनके पक्ष में कुछ बातें जाती हैं, जैसे-कोरोना के दौरान देश को मंदी से उदारने का कार्यक्रम चलाए। 2020 में होटल इंडस्ट्री को ईट आउट टू हेल्प योजना के जरिए 15 हजार करोड़ की मदद दी। कोरोना की लहर के दौरान भी देश को 10 हजार करोड़ का बड़ा पैकेज दिया।
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सुनक की शादी इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता से हुई है। 2015 में वो पहली बार सांसद बने थे। ब्रेक्जिट का पुरजोर समर्थन कर अपनी पार्टी में ताकतवर बने। उन्होंने यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर होने की बोरिस जॉनसन की नीति का पुरजोर समर्थन किया था। लोकप्रियता के बावजूद सुनक को पत्नी अक्षता पर लगे टैक्स चोरी के आरोपों के चलते आलोचना का भी सामना करना पड़ा।
लिज ट्रस - सांसद
46 साल की लिज ट्रस का पूरा नाम एलिजाबेथ मैरी ट्रस है और वह साउथ वेस्ट नॉर्थफोक की सांसद हैं। लिज फॉरेन कॉमन वेल्थ एंड डेवलपमेंट अफेयर्स सेक्रेटरी हैं। वह देश में इस समय काफी पॉपुलर हैं। लिजा ट्रस दो साल इंटरनेशनल ट्रेड सेक्रेटरी भी रहीं। पिछले साल उन्हें यूरोपियन यूनियन से बातचीत का अहम जिम्मा सौंपा गया था। इस तरह पीएम पद पर उनका दावा भी काफी मजबूत है।
जेरेमी हंट - विदेश मंत्री
55 साल के विदेश मंत्री हंट 2019 के चुनाव में दूसरे सबसे लोकप्रिय नेता थे। उनकी सार्वजनिक छवि पूरी तरह बेदाग रही है। पार्टी के लोगों को विश्वास है कि जेरेमी बिना कोई विवाद पैदा किए गंभीरता के साथ सरकार चलाएंगे।
नदीम जाहवी - नए वित्त मंत्री
सुनक के इस्तीफे के बाद जॉनसन ने नादिम जाहवी को नया वित्त मंत्री नियुक्त किया है। पीएम के दावेदारों में नदीम जाहवी का भी नाम है। दरअसल, नदीम बचपन में इराक से बतौर शरणार्थी ब्रिटेन आए थे। 2010 में वे पहली बार सांसद बने। जाहवी ने हाल ही में कहा था कि अगर मुझे ब्रिटेन का प्रधानमंत्री चुना जाता है, तो ये मेरी खुशनसीबी होगी। इस लिहाज से उनकी भी दावेदारी नजर आ रही है।
पेनी मॉर्डेंट - पूर्व रक्षा मंत्री
पूर्व रक्षा मंत्री पेनी मॉर्डेंट भी प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में शामिल हैं। पेनी को पिछले चुनावों में हंट का समर्थन करने के लिए जॉनसन ने सरकार से हटा दिया था। पेनी यूरोपियन यूनियन छोड़ने का समर्थन करने वालों में सबसे आगे थीं। जब ब्रिटेन में यूरोप यूनियन छोड़ने का मुद्दा गर्माया हुआ था, तब पेनी ने एक टीवी शो में अपनी दलीलों से खूब सुर्खियां बटोरी थीं।
बेन वॉलेस - रक्षा मंत्री
बेन वॉलेस मौजूदा रक्षा मंत्री हैं। वह ब्रिटिश रॉयल आर्मी में रह चुके हैं।बेन रूस-यूक्रेन जंग में ब्रिटेन के रुख को लेकर भी चर्चा में हैं। यूक्रेन को सैन्य मदद पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका है। उनका राजनीतिक सफर 1999 में शुरू हुआ था और 2005 में संसद पहुंचे थे। 2016 में बेन आंतरिक सुरक्षा मंत्री थे। अफगानिस्तान से ब्रिटिश नागरिकों को बाहर निकालने में भी उनका अहम योगदान था।