फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Boris Johnson during Parliament session urge Pakistan to guarantee fundamental rights of its citizens

ब्रिटिश पीएम बोरिस बोले, पाकिस्तान नागरिकों को दे मौलिक अधिकारों की गारंटी

Thu, 12 Nov 2020 12:31 PM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Sneha Baluni Updated Thu, 12 Nov 2020 12:31 PM IST
विज्ञापन
Boris Johnson during Parliament session urge Pakistan to guarantee fundamental rights of its citizens
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन - फोटो : ANI

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बुधवार को संसद सत्र के दौरान पाकिस्तान से अपने नागरिकों को मौलिक अधिकारों की गारंटी देने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री संसद के सदस्य इमरान अहमद खान के सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या ब्रिटिश सरकार पाकिस्तान को यह स्पष्ट करेगी की कि वहां सरकार समर्थित उत्पीड़न खत्म होना चाहिए।

विज्ञापन


इस पर जॉनसन ने कहा, 'मैं अपने माननीय मित्र से उत्साहपूर्वक सहमत हूं और मैं उन्हें बता सकता हूं कि यही वजह है कि दक्षिण एशिया के मंत्री ने हाल ही में पाकिस्तान के मानवाधिकार मंत्री के साथ इस मुद्दे को उठाया था। हमने पाकिस्तान सरकार से अपने सभी नागरिकों के मौलिक अधिकारों की गारंटी देने का आग्रह किया है।'
विज्ञापन

अहमद खान ने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि जब देश सही ढंग से कोविड-19 से लड़ने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है तब उसे मानवीय अन्याय और सताए गए अल्पसंख्यकों की दुर्दशा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने रविवार को पाकिस्तान के पेशावर में एक अहमदी नागरिक की बर्बर हत्या का जिक्र किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी, कहा- टीके को लेकर ‘अति उत्साही’ मत होइए


अहमद खान ने कहा, 'रविवार को 82 वर्षीय महबूब अहमद खान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह हाल ही में पेशावर में मारे गए चौथे अहमदी थे। उसने पाकिस्तानी कानून के तहत अपराध किया था? वह खुद को अहमदी मुस्लिम कहते थे जिनका पंथ 'सभी के लिए प्यार, किसी के लिए नफरत नहीं' है। क्या मेरे माननीय मित्र मुझसे सहमत हैं कि पाकिस्तान में नफरत सड़कों पर खत्म की जाती है। ब्रिटिश सरकार को पाकिस्तान को स्पष्ट करना चाहिए कि सरकार समर्थित उत्पीड़न समाप्त होना चाहिए?'

बता दें, अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को लेकर पाकिस्तान कई बार आलोचनाओं का शिकार हो चुका है। वहां अल्पसंख्यकों के सरकारी अधिकारियों के हाथों उत्पीड़न के मामले सामने आते रहते हैं। कई देश अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर उसे लताड़ चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed