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आईएमएफ की शर्तें मंजूर नहीं, सारा कर्ज तुरंत लौटा देगी बोलिविया सरकार
Thu, 18 Feb 2021 04:16 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ला पाज
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ला पाज
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Thu, 18 Feb 2021 04:16 PM IST
सार
बोलिविया के सेंट्रल बैंक ने एक बयान मे कहा है कि इस कर्ज के कारण बोलिविया पर बेतरतीब ढंग से वित्तीय बोझ बढ़ा है। मुद्रा विनिमय में बदलाव के कारण फरवरी 2021 तक ये रकम एक करोड़ 96 लाख डॉलर बढ़ गई...
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अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष
विस्तार
लैटिन अमेरिकी देश बोलिविया ने एक मिसाल कायम की है। वहां की वामपंथी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से लिए गए 34 करोड़ 67 लाख डॉलर के कर्ज को लौटाने का फैसला किया है। ये कर्ज पिछली सरकार ने लिया था। पिछली सरकार ने 2019 में बोलिविया के राष्ट्रपति इवो मोरालेस का तख्ता पलटने के बाद बनी दक्षिणपंथी सरकार ने आईएमएफ की कई शर्तों को मानते हुए ये कर्ज लिया था। बोलिविया की वर्तमान सरकार ने एलान किया है कि उस कर्ज पर बने ब्याज के साथ वह पूरी रकम आईएमएफ को तुरंत लौटा देगी। ऐसा वह इसलिए कर रही है, क्योंकि ये ऋण आईएमएफ ने जिन शर्तों पर दिय़ा था, उसे मौजूदा सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था में आईएमएफ का अनुचित हस्तक्षेप माना है।
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इवो मोरालेस के बाद जिनाइन आनेज के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी थी। उसने कहा था कि देश को आर्थिक संकट से निकालने के लिए ये कर्ज जरूरी है। लेकिन अब बोलिविया के सेंट्रल बैंक ने एक बयान मे कहा है कि इस कर्ज के कारण बोलिविया पर बेतरतीब ढंग से वित्तीय बोझ बढ़ा है। मुद्रा विनिमय में बदलाव के कारण फरवरी 2021 तक ये रकम एक करोड़ 96 लाख डॉलर बढ़ गई। इसके अलावा कमीशन और ब्याज के कारण अतिरिक्त 47 लाख डॉलर का अतिरिक्त बोझ देश पर चढ़ गया।
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सेंट्रल बैंक ने कहा है कि आईएमएफ की राजकोषीय, वित्तीय, मुद्रा विनिमय और मौद्रिक नीति संबंधी शर्तें देश की संप्रभुता और आर्थिक हितों के खिलाफ हैं। इन सब बातों पर विचार करने के बाद कर्ज लौटाने का फैसला किया गया। सेंट्रल बैंक ने कहा है कि अब देश में उन प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक और दीवानी कार्रवाई शुरू की जाएगी, जो इस कर्ज के लिए आईएमएफ के साथ वार्ता में शामिल हुए थे।
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बोलिविया लैटिन अमेरिका के सबसे गरीब देशों में एक है। हाल के महीनों में इस पर कोरोना वायरस महामारी की भारी मार पड़ी है। इसके बावजूद बोलिविया सरकार के कर्ज लौटाने के फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसे मौकों पर आमतौर पर देश अतिरिक्त कर्ज लेने की कोशिश करते हैं। लेकिन इवो मोरालेस की सरकार की तरह ही मौजूदा सरकार भी देश की अर्थव्यवस्था और विकास नीति को एक नया रूप देने की कोशिश कर रही है।
बोलिविया की सरकार ने मौजूदा आर्थिक तंगी के बावजूद इसी हफ्ते ये फैसला किया कि देश के दूर-दराज के इलाकों तक में रहने वाले हर व्यक्ति को एक तय समयसीमा के भीतर बिजली मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए बोलिविया के हाइड्रोकार्बन और ऊर्जा मंत्रालय ने 10 करोड़ डॉलर की एक योजना को मंजूरी दी है। मंत्रालय ने कहा कि ये धन इंटर अमेरिकन डेवलपमेंट बैंक केएफडब्लू उपलब्ध कराएगा। सरकार का मकसद उन लगभग 40 हजार परिवारों को भी बिजली मुहैया कराने का है, जिन्हें आज तक ये सुविधा नहीं मिली है।
पूर्व इवो मोरालेस ने कहा था कि सभी तक बिजली पहुंचाना देश की प्राथमिकता है, क्योंकि यह ग्रामीण इलाकों के आधुनिकीकरण और विकास के लिए जरूरी है। मोरालेस की सरकार ने सब तक बिजली पहुंचाने की योजना शुरू की थी। लेकिन जिनाइन आनेज की सरकार ने ये योजना रोक दी थी। अब नई सरकार ने इसे फिर से आगे बढ़ाने का काम शुरू किया है। बोलिविया की मौजूदा सरकार ने ये एलान भी किया है कि देश में बनाए गए तीन वायु ऊर्जा संयंत्र मई से बिजली की सप्लाई शुरू कर देंगे।