फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Blackout in Kabul, Taliban failed to pay electricity bill to Central Asian power suppliers

अंधेरे में डूबा काबुल: तालिबान सरकार ने बिजली कंपनियों को नहीं किया भुगतान, पूरे शहर में हुआ ब्लैकआउट

Thu, 14 Oct 2021 12:48 PM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 14 Oct 2021 12:48 PM IST
सार

राजधानी काबुल समेत देश के कुछ और हिस्सों में बुधवार से बिजली न होने की वजह से ब्लैकआउट सी स्थिति हो गई है। आलम ये है कि स्थानीय लोग अंधेरे में इधर से उधर भटक रहे हैं। 

विज्ञापन
Blackout in Kabul, Taliban failed to pay electricity bill to Central Asian power suppliers
अंधेरे में डूबा काबुल - फोटो : Twitter@Mustafa KAZEMI 47

विस्तार

अफगानिस्तान में जबसे तालिबान का शासन आया है तब से यहां के नागरिकों को आए दिन किसी न किसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं समस्याओं में  एक है बिजली संकट। जानकारी के अनुसार राजधानी काबुल समेत देश के कुछ और हिस्सों में बुधवार से बिजली न होने की वजह से ब्लैकआउट सी स्थिति हो गई है। आलम ये है कि स्थानीय लोग अंधेरे में इधर से उधर भटक रहे हैं। इस संकट के लिए तालिबानी सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि तालिबान की तरफ से अभी तक मध्य एशिया के बिजली सप्लायर्स को बकाया अदा नहीं किया गया है और इसी वजह से पावर क्राइसिस का सामना करना पड़ रहा है।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार अफगानिस्तान  में 80 फीसदी बिजली पड़ोसी देशों जैसे उजबेकिस्तान, तजाकिस्तिान और तुर्केमिनिस्तान से आता है। जिस समय तालिबान ने अशरफ गनी की सरकार को हटाकर काबुल पर कब्जा किया उस समय ही देश बिजली कंपनियों के कर्ज के बोझ से दबा था। अब कहा जा रहा है कि तालिबान सप्लायर्स को बकाया राशि अदा करने में असफल है। इसकी वजह है कि वो उपभोक्ताओं से फंड इकट्ठा नहीं कर पाए हैं और साथ ही फंड की कमी के चलते भी बिल अदा करने में असमर्थ हैं।
विज्ञापन


देनदारों की संपत्ति बेचेगा तालिबान
अफगानिस्तान का बिजली निकाय, जो अब तालिबान के नियंत्रण में है, मध्य एशियाई देशों को लगभग 62 मिलियन डॉलर के बिजली बिलों का भुगतान करने के लिए अपने देनदारों की संपत्ति को बेचने पर विचार कर रहा है। DABAS के कार्यवाहक प्रमुख सफीउल्लाह अहमदजई ने समाचार एजेंसियों को बताया कि योजना को जल्द लागू किया जाएगा। बिजली निर्यातक देशों को आपूर्ति में कटौती से रोकने के लिए सभी ऋणों का भुगतान किया जाएगा, और तभी अफगानिस्तान को निर्बाध बिजली कनेक्शन का आनंद मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed