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Bilawal WarnsTaliban: टीटीपी के हमलों से बिलावल खफा, बोले- तालिबान शासकों के लिए बदलेंगे रणनीति
Sat, 17 Dec 2022 03:15 PM IST
सुरेंद्र जोशी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 17 Dec 2022 03:15 PM IST
सार
संयुक्त राष्ट्र के एक कार्यक्रम के मौके पर बिलावल ने कहा कि पाकिस्तान सीमा पार से टीटीपी या बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे अन्य आतंकवादी समूहों के हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा। पाकिस्तान तालिबान शासकों से निपटने के लिए अपनी रणनीति पर पुनर्विचार कर सकता है।
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Bilawal Bhutto Zardari
- फोटो : ANI
विस्तार
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने अफगानिस्तान में सत्तारूढ़ तालिबान शासकों को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित संगठन 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को सीमा पार से उनके देश में हमले करने से रोकने में तालिबान शासन विफल रहा है। इसलिए तालिबान के नेताओं को लेकर पाकिस्तान अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करेगा।
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संयुक्त राष्ट्र के एक कार्यक्रम के मौके पर बिलावल ने न्यूयॉर्क में कहा कि पाकिस्तान सीमा पार से टीटीपी या बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे अन्य आतंकवादी समूहों के हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा।पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार बिलावल ने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान के तालिबान शासकों से निपटने के लिए अपनी रणनीति पर पुनर्विचार कर सकता है, लेकिन वह काबुल से नाता तोड़ने की जोखिम नहीं उठा सकता।
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यह कार्यक्रम पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल (एपीएस) पर 16 दिसंबर 2014 को हुए आतंकी हमले में मारे गए बच्चों व अन्य को श्रद्धांजलि के लिए आयोजित किया गया था। बता दें, 2014 में अफगानिस्तान से पेशावर आए टीटीपी आतंकवादियों ने सैनिक स्कूल में घुसकर 149 लोगों की हत्या कर दी थी। मृतकों में 132 स्कूली बच्चे थे। यह पाकिस्तान में सबसे वीभत्स आतंकवादी घटनाओं में से एक है।
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पाक विदेश मंत्री ने कहा कि काबुल के तालिबान शासक टीटीपी को सीमा पार आतंकवादी हमले करने से रोकने की पाकिस्तान की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। बिलावल ने कहा कि अफगानिस्तान के तालिबान शासकों ने दोहा में पाकिस्तान की सुरक्षा व आतंकवाद रोकने का संकल्प लिया था। दोहा में अमेरिका के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर के वक्त यह भरोसा दिलाया था। लेकिन इस दिशा में तालिबान शासन के प्रयास नाकाम रहे हैं। टीटीपी ने तो मानो पाकिस्तान के खिलाफ जंग का एलान कर दिया है। उसने हमले तेज कर दिए हैं।
यह पूछने पर कि क्या पाकिस्तान तालिबान शासकों से रिश्ते खत्म करने पर विचार करेगा? बिलावल ने कहा, 'मैं तालिबान या अफगानिस्तान से रिश्ते तोड़ने के बारे में नहीं सोच सकता। वे वास्तविकता हैं और वे पाकिस्तान की सीमा पर हैं।
पाक विदेश मंत्री ने यह बात तब कही है, जबकि प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने जून में सरकार के साथ हुए अनिश्चितकालीन संघर्ष-विराम समझौते को रद्द कर दिया था और आतंकवादियों को पाकिस्तान में हमले करने का फरमान दिया है।
टीटीपी को बाहरी समर्थन का डोजियर यूएन को सौंपा
बिलावल ने कहा कि पाकिस्तान ने उसके खिलाफ काम कर रहे टीटीपी और अन्य आतंकवादी समूहों को बाहरी समर्थन के ठोस सबूत वाला व्यापक डोजियर यूएन महासचिव तथा सुरक्षा परिषद के साथ साझा किया गया है।