USA Saudi Relations: तेल उत्पादन पर सऊदी अरब ने दिया अमेरिका को झटका, बाइडन करेंगे रिश्तों की समीक्षा
जॉन किर्बी ने कहा कि सऊदी अरब से रिश्ते को लेकर बाइडन कांग्रेस के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक कोई औपचारिक चर्चा शुरू नहीं हुई है।
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तेल उत्पादन को लेकर अमेरिका और सऊदी अरब के संबंधों में दरार आने लगी है। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा कि तेल उत्पादक देशों के सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने उत्पादन को कम करने के लिए रूस का पक्ष लिया है। राष्ट्रपति जो बाइडन रियाद के साथ अमेरिकी संबंधों का पुनर्मूल्यांकन करेंगे। 13 राष्ट्र वाले ओपेक संगठन और मॉस्को के नेतृत्व वाले उसके 10 सहयोगियों ने नवंबर से प्रतिदिन दो मिलियन बैरल उत्पादन कम करने के अपने फैसले से व्हाइट हाउस को नाराज कर दिया है। आशंका है कि इस फैसले से तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने सीएनएन को बताया, मुझे लगता है कि राष्ट्रपति बहुत स्पष्ट हैं कि यह एक ऐसा रिश्ता है जिसका हमें पुनर्मूल्यांकन जारी रखने की जरूरत है। हमें फिर से विचार करने के लिए तैयार रहने की जरूरत है। निश्चित रूप से ओपेक के फैसले के संदर्भ में ऐसा किया जाना चाहिए।
बाइडन की सऊदी यात्रा भी काम नहीं आई
सऊदी के इस निर्णय को व्यापक रूप से अमेरिकी चेहरे पर एक राजनयिक थप्पड़ के रूप में देखा गया था, क्योंकि बाइडन ने जुलाई में सऊदी अरब की यात्रा की थी और पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के बाद इस पर सख्त कदम उठाने की घोषणा के बावजूद क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की थी। यह बाइडन की डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए एक संवेदनशील क्षण भी है, क्योंकि नवंबर में उन्हें मध्यावधि चुनावों का सामना करना है। कीमतों में वृद्धि रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ा मुद्दा होगा।
सऊदी अरब ने किया फैसले का बचाव
वहीं, सऊदी अरब ने उत्पादन कटौती का बचाव करते हुए कहा कि ओपेक प्लस की प्राथमिकता एक स्थायी तेल बाजार बनाए रखना है। मंगलवार को सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने अल-अरबिया चैनल को बताया कि यह कदम विशुद्ध रूप से आर्थिक था और संगठन के सदस्य देशों द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया था। ओपेक प्लस के सदस्यों ने जिम्मेदारी से काम किया और उचित निर्णय लिया। किर्बी ने कहा कि सऊदी अरब से रिश्ते को लेकर बाइडन कांग्रेस के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक कोई औपचारिक चर्चा शुरू नहीं हुई है।
उनकी टिप्पणी प्रभावशाली सीनेट विदेश संबंध समिति के डेमोक्रेटिक अध्यक्ष बॉब मेनेंडेज द्वारा रियाद के साथ सभी तरह के सहयोग को रोकने की मांग के एक दिन बाद आई है। मेनेंडेज ने कहा कि सऊदी ने यूक्रेन में रूस के युद्ध को नजरअंदाज करने का फैसला किया और एक तरह से उसने मास्को को रियायत दे दी जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगा।
मेनेंडेज की मांग, तुरंत रोका जाए सहयोग
मेनेंडेज ने कहा कि अमेरिका को सऊदी अरब के साथ हमारे सहयोग के सभी पहलुओं को तुरंत रोक देना चाहिए, जिसमें हथियारों की बिक्री और सुरक्षा सहयोग शामिल है, जो अमेरिकी कर्मियों और हितों की रक्षा के लिए बहुत जरूरी है। सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष के रूप में मैं रियाद के साथ किसी भी सहयोग को तब तक हरी झंडी नहीं दूंगा जब तक कि सऊदी यूक्रेन में युद्ध के संबंध में अपनी स्थिति का पुनर्मूल्यांकन नहीं करता। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका और सऊदी अरब के बीच साझेदारी को बंद कर दिया गया था, जिससे सऊदी अरब को तेल तक अमेरिकी पहुंच के बदले सैन्य सुरक्षा प्रदान की गई थी।