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बाइडन-किशिदा वार्ता: पूर्वी चीन सागर में यथास्थिति बदलने के चीन के प्रयास विफल करेंगे, रूस-यूक्रेन पर भी चर्चा

Sat, 22 Jan 2022 03:25 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, वाशिंगटन
पीटीआई, वाशिंगटन Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 22 Jan 2022 03:25 PM IST
सार

बाइडन व किशिदा की यह पहली औपचारिक शिखर बैठक थी। इसमें बाइडन ने कहा कि अमेरिका और जापान के बीच सदियों पुराना गठबंधन रणनीतिक हिंद-प्रशांत क्षेत्र और दुनिया भर में शांति और सुरक्षा की बुनियाद है।

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Biden and Kishida agree to push back Chinas attempts to change status quo in East China Sea
Biden-Kishida virtual meeting - फोटो : social media

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के बीच वर्चुअल शिखर बैठक कामयाब रही। शुक्रवार को 80 मिनट चली वार्ता में दोनों नेता पूर्वी चीन सागर में यथास्थिति बदलने के चीन के प्रयासों के खिलाफ एकजुट हो गए। उन्होंने चीन के इन प्रयासों को विफल करने का फैसला किया।  उन्होंने रूस-यूक्रेन के हालात को लेकर भी चर्चा की। 

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बाइडन व किशिदा की यह पहली औपचारिक शिखर बैठक थी। इसमें बाइडन ने कहा कि अमेरिका और जापान के बीच सदियों पुराना गठबंधन रणनीतिक हिंद-प्रशांत क्षेत्र और दुनिया भर में शांति और सुरक्षा की बुनियाद है। उन्होंने क्वाड संगठन को भारत-प्रशांत समुद्री क्षेत्र में स्वतंत्र व मुक्त आवाजाही को बढ़ावा देने वाला बताया। 
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दोनों नेताओं के बीच अधिकांश चर्चा चीन से बढ़ती रणनीतिक चुनौती पर थी। ताइवान जो कि खुद को स्वतंत्र मानता है लेकिन चीन इसे अपने क्षेत्र के हिस्से के रूप में दावा करता है। अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि जो बाइडन और किशिदा ने चीन द्वारा अपने पड़ोसियों को डराने पर चिंता व्यक्त की। 
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जानकारी के मुताबिक दोनों नेताओं ने पूर्वी चीन सागर और दक्षिण चीन सागर में यथास्थिति को बदलने की चीन की कोशिशों के खिलाफ एकजुटता का संकल्प लिया। साथ ही ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता के महत्व को भी रेखांकित किया। इस बैठक के बाद व्हाइट हाउस द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि अमेरिका, भारत और कई अन्य विश्व शक्तियां इस क्षेत्र में चीन के आक्रामक सैन्य युद्धाभ्यास की पृष्ठभूमि में एक स्वतंत्र, खुला और संपन्न हिंद-प्रशांत सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। 

उत्तर कोरिया और यूक्रेन के मुद्दे पर भी बातचीत
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन और जापान के पीएम किशिदा ने रूस के साथ यूक्रेन को लेकर बढ़ते तनाव को लेकर भी चर्चा की। दोनों ने कहा कि वे यूक्रेन में रूसी आक्रमण को रोकने के लिए मिलकर काम करेंगे। व्हाइट हाउस ने कहा कि दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया द्वारा हाल ही में किए गए बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण की निंदा की। उत्तर कोरिया की गतिविधि को जापान के साथ पूरे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की शांति और स्थिरता के लिए खतरा बताया। 


भारत व अन्य देशों से साझा समन्वय
बैठक के बाद जापान की सरकार ने एक बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने मजबूत जापान-अमेरिका गठबंधन के तहत निकटता से समन्वय करने और ऑस्ट्रेलिया, भारत, आसियान व यूरोप के समान विचारधारा वाले देशों के साथ सहयोग को गहरा करने के इरादे को साझा किया। बता दें, क्वाड देशों के समूह में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं। दोनों ने कहा, वे हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उसके बाहर सहयोगियों और साझेदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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